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VIDEO: पत्रिका स्पेशल: बजट पर बजट पेश होते रहे लेकिन इस गांव के नहीं बदले हालात, न शौचालय न मिला आवास

— थाना नगला सिंघी क्षेत्र के गांव ठार माता पर नहीं पहुंच सकीं सरकारी योजनाएं, रास्ते में ही तोड़ दिया दम, मेहनत मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं इस गांव के लोग।

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Toilet

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फिरोजाबाद। कभी प्रदेश तो कभी केन्द्र सरकार का बजट लोगों को सौगात देकर चला जाता है। बजट सुनकर कभी किसान खुश होते हैं तो कभी व्यापारी लेकिन इस गांव के लोग आज तक सरकार की योजनाओं को सुनकर खुश नहीं हुए। इसकी वजह भी साफ है कि इस गांव में केन्द्र और प्रदेश सरकार की योजनाएं आज तक परवान नहीं चढ़ सकीं। सरकार की योजनाएं इस गांव में पहुंचने से पहले ही दम तोड़ जाती हैं। कुछ ऐसा ही हाल है ग्राम पंचायत रसूलाबाद के मजरा ठार माता का।

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न शौचालय न आवास
फिरोजाबाद मुख्यालय से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित टूंडला तहसील की ग्राम पंचायत रसूलाबाद। इस पंचायत का गांव ठार माता जो सड़क से करीब एक किलोमीटर अंदर है। इस गांव में न तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए शौचालय और न हीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए आवास ही पहुंचे। स्थिति यह है कि इस पूरे गांव में करीब 30 से 40 परिवार निवास करते हैं। इस गांव के लोग आज भी खुले में शौच करने जाते हैं और लोग कच्चे मकानों में निवास करते हैं। इसके बाद भी इस गांव में सरकार की योजनाएं न पहुंचना विचारणीय है।

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पूरे गांव में मात्र है एक हैंडपंप
ग्रामीण महिला मोहनलाल बताते हैं कि इस गांव की उपेक्षा की जाती रही है। योजनाओं के नाम पर इस गांव को कुछ नहीं मिला। पूरे गांव की प्यास बुझाने के लिए एक मात्र हैंडपंप है जो कुछ दिन पहले खराब हो गया था। सभी गांव वालों ने चंदा एकत्रित कर इसे ठीक कराया। गर्मी के दिनों में प्यास बुझाने के लिए गांव वालों को परेशान होना पड़ता है। ग्राम पंचायत द्वारा इस गांव में एक भी टीटीएसपी टंकी भी नहीं लगवाई गई।

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सड़कों पर भर जाता है गंदा पानी
गांव के ही मुकट सिंह बताते हैं कि कई बार आवास और शौचालय के लिए आवेदन ग्राम प्रधान और ब्लाक में किए लेकिन हर बार आवेदनों को कूड़े में डाल दिया जाता है। इस पूरे गांव के किसी भी व्यक्ति का नाम न तो शौचालय के लिए चयनित किया गया और न हीं आवास के लिए ही। इस गांव के ग्रामीण मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करते हैं।

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ये बोले बीडीओ
जब इस मामले में खंड विकास अधिकारी टूंडला डॉ. नीरज गर्ग से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मुझे इस गांव के बारे में जानकारी नहीं है। मैं ग्राम प्रधान और सचिव से बात करता हूं। यदि ऐसा हुआ है तो घोर लापरवाही है। पात्रता श्रेणी में आने वालों के शौचालय बनवाए जाएंगे वहीं आवास की सूची में उनका नाम अंकित कराया जाएगा।