
UP Information commissioner
फिरोजाबाद। राज्य सूचना आयुक्त गजेन्द्र सिंह मंगलवार को सुहाग नगरी में पहुंचे। यहां उन्होंने जिले भर के आला अधिकारियों के साथ बैठक ली। राज्य सूचना आयुक्त ने अधिकारियों को कानून का पाठ पढ़ाया। वहीं पीडि़तों को न्याय दिलाने के प्रति जागरूक किया। उन्होंने यह भी कहा कि विभागीय अधिकारियों से मदद न मिलने के कारण ही पीड़ित लखनऊ और दिल्ली की दौड़ लगाने को विवश होता हैं, यदि निचले स्तर पर ही फरियादी की समस्या का समाधान हो जाए, तो कोई भी अपना रुपया और समय बर्बाद करना नहीं चाहेगा।
ईमानदारी से हो कार्य तो आए गुणवत्ता
सूचना आयुक्त ने कहा कि सभी अधिकारी यदि ईमानदारी से अपने कार्य का निर्वहन करने लगें तो कार्य में गुणवत्ता भी आएगी और पीडि़तों को न्याय भी मिलेगा। सरकार की मंशा है कि पीडि़तोंं को न्याय मिले। अधिकतर अधिकारी सूचना मांगने वाले को गुमराह कर देते हैं। सूचना मांगने वाला अधिकारियों के चक्कर लगाता रहता है फिर भी उसे सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई जाती हैं।
समय से उपलब्ध कराएं सूचनाएं
सूचना आयुक्त ने सभी जिलास्तरीय अधिकारियों की बैठक लेते हुए कहा कि सूचनाएं समय से उपलब्ध कराना सुनिश्चित कराएं। जो भी अधिकारी आवेदक को समय से सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराएगा। उस पर जुर्माने का प्रावधान है। अकसर यहां सूचना के तहत मांगी जाने वाली सूचनाएं उपलब्ध न कराए जाने पर लखनऊ में सूचना मांगने वालों की शिकायतों के ढेर लग जाते हैं। यदि तहसील और जिला स्तर पर सभी अधिकारी सूचनाएं देना तय करें तो फरियादियों को यहीं न्याय मिल सकेगा।
पीड़ित को मिलना चाहिए न्याय
राज्य सूचना आयुक्त ने कहा कि सूचना आयोग का गठन पीड़ितों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन वर्तमान में पीड़ितों को शत प्रतिशत न्याय नहीं मिल पा रहा है। सरकारी कार्यालयों में हो रहे भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए सूचना का अधिकार अचूक हथियार के रूप में कार्य करता है। इस मौके पर डीएम नेहा शर्मा, एसपी महेन्द्र सिंह, सीडीओ अशोक कुमार, एडीएम उदय सिंह समेत सभी जिला और तहसील स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
Published on:
10 Oct 2017 05:55 pm
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