Bad Drinks की वजह से जीभ-मुंह सूखना, प्यास लगना, पीला पेशाब, पेशाब से बदबू आना, कम पेशाब आना, चक्कर आना, सिर घूमना, सिरदर्द थकावट, आंखें अंदर धंसना आदि दिक्कतें हो सकती हैं।
जयपुर। Bad Drinks: गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए खूब सारा पानी पीने की सलाह दी जाती है। लेकिन कई बार लोग पानी की जगह नींबू पानी, शेक, जूस से अपनी प्यास बुझाना बेहतर समझते हैं। हालांकि, उन्हें नहीं पता कि पानी की जगह दूसरे पेय पदार्थ पीने से उल्टा असर भी हो सकता है। पानी की कमी से क्या होता है? शरीर में पानी की कमी को डिहाइड्रेशन कहा जाता है। Bad Drinks की वजह से जीभ-मुंह सूखना, प्यास लगना, पीला पेशाब, पेशाब से बदबू आना, कम पेशाब आना, चक्कर आना, सिर घूमना, सिरदर्द थकावट, आंखें अंदर धंसना आदि दिक्कतें हो सकती हैं।
कॉफी पीने से आता है ज्यादा पेशाब
डिहाइड्रेटिंग ड्रिंक्स में कॉफी सबसे ऊपर आती है। इसमें कैफीन होता है, जो शरीर से पानी निकालने में मदद करता है। हालांकि, एक-दो कप कॉफी पीने से कोई दिक्कत नहीं होती। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह समस्या दिनभर में पांच कप के आसपास या ज्यादा कॉफी पीने से होती है।
चाय पीने के नुकसान
बेशक चाय में कॉफी से कम कैफीन होता है। लेकिन यह ड्रिंक भी डिहाइड्रेशन कर सकती है। चाय के ज्यादा कप पीने से कैफीन बढ़ता है, जो कि शरीर से सोडियम और पानी को बाहर निकालने में मदद करता है। पानी पीने के साथ चाय को कम पीना शुरू करें।
कोल्ड ड्रिंक और सोडा
गर्मी के मौसम में प्यास बुझाने के लिए लोग कोल्ड ड्रिंक या सोडा पीते हैं। कुछ लोग डाइट सोडा को हेल्दी मानकर उसका सेवन करते हैं। लेकिन दोनों ही प्रकार की ड्रिंक्स में कार्बोन डाइऑक्साइड, शुगर और कैफीन होता है, जो असल में पेशाब का उत्पादन बढ़ाता है और शरीर का पानी कम हो जाता है।
हाई प्रोटीन स्मूदी और कुछ जूस
अगर आपकी हाई प्रोटीन स्मूदी या जूस में शुगर ज्यादा है तो यह डिहाइड्रेशन कर सकती है। इसके अलावा, चुकंदर का जूस और सेलेरी जूस में ऐसे तत्व होते हैं, जो ज्यादा पेशाब बनाते हैं। इसलिए इन्हें ज्यादा मात्रा में पीने से बचें।
बीयर, वाइन और कॉकटेल
बीयर हो या वाइन-कॉकटेल, हर चीज में एल्कोहॉल होता है। कैफीन की तरह यह तत्व भी ड्यूरेटिक होता है, जिससे ज्यादा पेशाब बनने लगता है। इसकी वजह से सिरदर्द, मुंह सूखना और एनर्जी की कमी जैसे डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखते हैं। उदाहरण के लिए हर 250 एमएल वाइन पीने से करीब 350 एमएल पेशाब बनता है।