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Homemade Food Harmful: मां के हाथ का खाना भी अनहेल्दी हो सकता है? डॉक्टर का खुलासा

Homemade Food Harmful: अक्सर हम मानते हैं कि घर का बना खाना सबसे सुरक्षित और सेहतमंद होता है। खासतौर पर मां के हाथ का खाना तो अपने आप में हेल्दी माना जाता है। लेकिन हाल ही में एक डॉक्टर के वीडियो ने इस सोच पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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भारत

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MEGHA ROY

Dec 30, 2025

Roti Sabzi Diet Truth, High Carb Indian Food, Excess Salt In Indian Diet,

Hidden Health Risks Indian Food|फोटो सोर्स – Gemini@Ai

Homemade Food Harmful: भारतीय घरों में मां के हाथ का खाना सेहत की सबसे बड़ी गारंटी माना जाता है। दाल-चावल, रोटी-सब्जी हमारी रोज की थाली का हिस्सा हैं और इन्हें हल्का और पौष्टिक समझा जाता है। लेकिन ऑन्कोलॉजिस्ट डॉक्टर अक्षय केवलानी की मानें तो घर का खाना हमेशा हेल्दी हो, ऐसा जरूरी नहीं। हालिया आंकड़ों के आधार पर वह बताते हैं कि भारतीय डाइट में नमक और कार्बोहाइड्रेट की मात्रा जरूरत से कहीं ज्यादा हो चुकी है, जो धीरे-धीरे सेहत पर असर डाल सकती है।

जरूरत से ज्यादा नमक और कार्बोहाइड्रेट

डॉक्टर ने आईसीएमआर (ICMR) के एक हालिया सर्वे का हवाला देते हुए बताया कि भारतीय औसतन जरूरत से 50 प्रतिशत ज्यादा नमक खा रहे हैं। इतना ही नहीं, रोजाना ली जाने वाली कैलोरी भी करीब 60 प्रतिशत अधिक है, जिसका बड़ा हिस्सा गेहूं और चावल जैसे कार्बोहाइड्रेट्स से आता है।
असल में हमारी थाली चपाती या चावल के बिना अधूरी मानी जाती है, और यही आदत हमें जरूरत से लगभग दोगुना कार्बोहाइड्रेट खाने पर मजबूर कर रही है।

बढ़ती बीमारियों की जड़

भारत पहले ही दुनिया की “डायबिटीज कैपिटल” कहा जाता है। इसके साथ-साथ हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज, फैटी लिवर और मोटापे के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। कई लोग हैरान रहते हैं कि घर का खाना खाने के बावजूद उन्हें ये समस्याएं क्यों हो रही हैं। डॉक्टरों के मुताबिक इसकी बड़ी वजह है खाने में पोषण का असंतुलन।

थाली में 70–80% कार्ब्स

हमारे पारंपरिक भोजन जैसे डोसा, पोहा, दाल-चावल या रोटी-सब्जी में भी 70 से 80 प्रतिशत हिस्सा कार्बोहाइड्रेट का होता है। इसके मुकाबले प्रोटीन कम और तेल व नमक ज्यादा रहता है। यही असंतुलन लंबे समय में शरीर पर असर डालता है।

मसल्स और शरीर के लिए प्रोटीन जरूरी

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि शरीर को रोजाना प्रति किलो वजन पर करीब 1 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होती है, ताकि मसल्स को सही तरह से मेंटेन किया जा सके। अगर कोई मसल्स बढ़ाना चाहता है, तो प्रोटीन की मात्रा और बढ़ानी पड़ती है।

क्या करें ताकि घर का खाना बने सच में हेल्दी?

  • हर मील में प्रोटीन का एक अच्छा सोर्स जरूर शामिल करें, चाहे वह वेज हो या नॉन-वेज।
  • तेल और नमक की मात्रा जितनी हो सके कम रखें।
  • कच्ची सब्जियां, सलाद और स्टीम की हुई सब्जियों को थाली का हिस्सा बनाएं।
  • गेहूं और चावल की जगह कभी-कभी मिलेट्स अपनाएं, जैसे बाजरा, रागी या ज्वार।