
Diabetes Patient Wound (image- gemini AI)
Diabetes Patient Wound: आजकल डायबिटीज के मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। डायबिटीज कोई नई बीमारी नहीं है। असल में यह बहुत पुरानी बीमारी है और इसका सीधा संबंध हमारे पैंक्रियाज (अग्नाशय) से है। जब हमारे शरीर में उचित मात्रा में इंसुलिन नहीं बन पाता है, तो इसका सीधा प्रभाव हमारे शरीर के ब्लड शुगर पर पड़ता है। जब सही मात्रा में इंसुलिन बनेगा ही नहीं, तो हमारे रक्त में शर्करा बढ़ेगी ही या सीधी सी बात है कि असंतुलित रहेगी। विज्ञान में यही डायबिटीज कहलाता है।
लेकिन क्या आपको पता है कि जिन लोगों को डायबिटीज होता है, उनको यदि कोई छोटी सी भी चोट लग जाए, तो उसका घाव सही होने में बहुत ज्यादा समय ले लेता है। अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसा क्यों होता है? अगर किसी साधारण व्यक्ति की भी कोई चोट बहुत लंबे समय से ठीक नहीं हो रही हो, तो घर में ही उसे यह बोल दिया जाता है कि तुम्हें तो डायबिटीज हो सकता है। अब इस बात से यह तो साबित हो चुका है कि यह ज्यादातर लोगों को पता है कि डायबिटीज में ऐसा होता है। जो बात नहीं पता है, वह यह है कि ऐसा किस कारण से होता है। आइए जानते हैं कि डायबिटीज मरीज के घाव जल्दी क्यों नहीं भरते हैं।
आपने कभी यह बात गौर की है कि जब किसी डायबिटीज के मरीज की कोई सर्जरी होनी हो, तो डॉक्टर उसकी सर्जरी तब तक नहीं करते जब तक कि उसका ब्लड शुगर लेवल स्थिर नहीं हो जाए। अब यह बात तो यहां साबित हो गई कि डॉक्टर भी इस बात को मानते हैं कि डायबिटीज के मरीजों के घाव जल्दी नहीं भरते हैं। ऐसा कई कारणों से होता है जो निम्न हैं:
NCBI (Molecular Mechanisms of Diabetic Wound Healing) के एक मेडिकल रिसर्च में यह बात स्पष्ट रूप से कही गई है कि डायबिटीज और घाव भरने की गति में सीधा संबंध है। रिसर्च के अनुसार ब्लड शुगर की ज्यादा मात्रा हमारी रक्त वाहिकाओं को संकरा कर देती है। इस कारण से घाव वाले स्थान पर ऑक्सीजन और पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाते, जो घाव ठीक होने के लिए जरूरी होते हैं।
हमारे रक्त में ब्लड शुगर की ज्यादा मात्रा हमारी श्वेत रक्त कोशिकाओं (WBC) के काम को सीधा प्रभावित करती है और इसका सीधा संबंध हमारी कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली से होता है। किसी भी घाव को ठीक होने के लिए श्वेत रक्त कोशिकाएं सबसे ज्यादा जरूरी होती हैं। कमजोर इम्युनिटी इस प्रकार डायबिटीज मरीजों में घाव जल्दी ठीक नहीं होने के लिए जिम्मेदार है।
ज्यादा लंबे समय तक ब्लड शुगर का लेवल बढ़ा होने से हमारे पैरों की नसें डैमेज होने लगती हैं, इस कारण से मरीज को घाव का पता चलने में भी देरी हो जाती है। यही कारण है कि छोटा सा घाव भी बहुत बड़ा बन जाता है। डायबिटीज मरीज का घाव इससे भी जल्दी ठीक नहीं हो पाता है।
ब्लड शुगर का लेवल बढ़ना हमारे शरीर के बैक्टीरिया के लिए भोजन का काम करता है। इस कारण घाव वाली जगह पर बैक्टीरिया बहुत ज्यादा संख्या में बढ़ने लगते हैं और इन्फेक्शन बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। डायबिटीज के कारण शरीर में सूजन (Inflammation) की स्थिति बनी रहती है। यह सूजन भी घाव को ठीक होने के लिए अगले चरण में जाने से रोकती है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
Updated on:
27 Dec 2025 11:53 am
Published on:
27 Dec 2025 11:53 am
