
धान खरीदी के मापदंडों, पैमानों से किसान परेशान
गाडरवारा-सालीचौका। किसानों के लिए समय अपनी फसल के सही दाम पाना मुसीबत बनी हुई है। धान की फसल में भारी लागत के बाद जब बेचने की बारी आई तो सरकार ने भी किसान की धान खरीदी में मापदंडों का अड़ंगा लगा दिया और वहीं सालीचौका उप मंडी में अव्यवस्थाओं के बीच किसान धान को लेकर पहुंच रहे हैं, तो वहां पर भी कम दामों में बोली लगाई जा रही है। बताया गया है कि उप मंडी में धान फसल की बोली न्यूनतम 1200 से लेकर अधिकतम 1500-1600 तक ही किसानों की धान खरीदी जा रही है। किसान इस वजह से भी परेशान हैं क्योंकि शासन द्वारा खोले गए समर्थन मूल्य धान खरीदी केंद्रों पर मापदंडों का हवाला देकर किसानों की धान नहीं ली जा रही है। वहीं व्यापारी गण भी अच्छी किस्म की धान को भी 1700 रुपए तक खरीद रहे। सही दाम नहीं मिलने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, क्योंकि फसल पैदावार के समय अच्छी खासी लागत लगानी पड़ती है, तब जाकर कहीं फसल पक कर तैयार होती है। लेकिन वही फसल अगर वाजिब दामों पर न बिक पाए तो किसानों के हाथों निराशा ही लगती है। वही समर्थन मूल्य धान खरीदी केंद्रों का आलम यह है कि कुछ केंद्रों पर तो अभी तक व्यवस्था ही नहीं हो पाई। जहां पर खरीद केंद्र चालू हो भी गए हैं, वहां पर साफ. सुथरी धान को ही तौला जा रहा है। जबकि धान फसल में थोड़ा बहुत बदरंग एवं काले दाने भी हो जाते हैं। कीट पतंगों की रोकथाम के लिए दवाओं का असर भी फसलों पर हो जाता है। लेकिन सरकारी नियम मापदंडों के चलते किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाहरी व्यापारियों का आना भी नहीं होता, वहीं किसानों की सुविधाओं के लिए मंडी प्रशासन द्वारा उचित व्यवस्थाएं भी नहीं की गई हैं।
गाडरवारा में धान के यह रहे दाम
बीते दिवस गाडरवारा मंडी में धान क्रांति 1251 से 1750 रुपए, धान 1121 के रेट 2300 से 2614 रुपए, पूसा-1 के भाव 1700 से 2182 के बीच रहे। इन दिनों गाडरवारा मंडी में धान की इतनी भारी आवक हो रही है कि मंडी शेड के बजाय परिसर में धान के विशाल ढेर लगे हुए हैं। वहीं धर्मकांटे पर दिन भर ट्रालियों की कतारें लगी रहती हैं।
Published on:
13 Dec 2019 05:55 pm
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