
बलौदाबाजार. ग्राम पुरेना खपरी में गुरुवार को जयचंद यादव की हत्या की गुत्थी पुलिस ने महज 7 घंटो के भीतर सुलझा ली है। जयचंद का हत्यारा उसका ही एक जिगरी दोस्त सूरज और उसका चचेरा भाई दीपचंद था। पुलिस को दिए बयान में सूरज ने बताया कि जयचंद उसकी बहन के साथ आए दिन छेड़छाड़ करता था, कुछ ही दिन पूर्व मना किए जाने पर उसने जो करना है कर लो कहकर धमकी भी दी थी।
इसके बाद से ही दोनों भाईयों ने जयचंद को ठिकाने लगाने का प्लान बनाकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने धारा 302 के तहत दोनों ही आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया। जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड में उपजेल दाखिल कर दिया गया।
विदित हो कि ग्राम पुरेना खपरी निवासी जयचंद पिता चुन्नू यादव, उम्र 20 वर्ष गुरूवार रात लगभग 8 बजे अपने घर से भोजन करने के बाद परिजनों से काम पर जाने की बात कहकर घर से निकला था। शुक्रवार सुबह ग्राम पुरेना खपरी-अछोली में सड़क किनारे के एक खेत में जयचंद की लाश दिखाई दी थी। जयचंद के पिता की सूचना पर सिटी कोतवाली टीआई राम अवतार ध्रुव अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे तथा लाश का मुआयना किया।
घटना के बाद पुलिस अधीक्षक आरएन दास के नेतृत्व में सिटी कोतवाली और स्पेशल स्क्वाड की संयुक्त टीम बनाकर अज्ञात आरोपियों की पतासाजी की गई। पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक जयचंद ग्राम की ही एक किशोरी से छेड़छाड़ करता है। इस बात पर लड़की के भाई सूरज निषाद और लड़की का चचेरा भाई दीपचंद निषाद कई बार मृतक को चेतावनी भी दे चुका है। इस बात से लड़की के दोनों भाई परेशान रहते थे। पुलिस ने शक के आधार पर सूरज निषाद तथा दीपचंद निषाद से पूछताछ की। इसमें दोनों ने ही जयचंद की हत्या करने की बात कबूल कर ली।
कई बार समझाया पर जयचंद नहीं माना
पुलिस को दिए बयान में आरोपी सूरज ने बताया कि जयचंद उसका काफी पुराना दोस्त है। कई वर्षों से उसका सूरज के घर आना-जाना था। बीते कुछ दिनों से जयचंद आए दिन सूरज की बहन के साथ छेड़छाड़ करता था। इससे परिजन भी तनाव में थे। इस बात को लेकर कई बार सूरज ने जयचंद को समझाइश भी दी थी। जिस पर जयचंद ने जो करना है, वह करने की बात कही थी। घटना के एक सप्ताह पूर्व दोनों आरोपियों सूरज तथा दीपचंद ने जयचंद की हत्या करने का प्लान बना लिया था। घटना के दिन आरोपियों ने जयचंद को काम के बहाने घर से बुलाकर उसे अपने साथ बाइक में बैठाकर ले गए। आरोपियों ने अपने साथ बेर पेड़ का मजबूत डंडा भी रखा हुआ था, लेकिन किसी को शक न हो इसलिए बाइक में बैठने के बाद डंडा जयचंद को थमा दिया था।
डंडे से किया ताबड़तोड़ हमला
प्लान अनुसार आरोपियों ने बाइक का फ्यूल बंद रखा था। इसकी वजह से कुछ दूर जाकर बाइक बंद हो गई। बाइक बंद होने पर जयचंद ने हाथ में रखे डंडे को सूरज को थमाकर बाइक चालू करने की कोशिश की। मृतक का ध्यान बाइक चालू करने पर होने पर सबसे पहले सूरज ने मृतक जयचंद के सिर में पीछे से डंडे से ताबड़तोड़ वार करना चालू कर दिया। डंडे की चोट से मृतक जयचंद लडखड़़ा गया। इसे आरोपियों ने पैर में फंसाकर जमीन पर गिरा दिया। जयचंद के जमीन पर गिरते ही दोनों आरोपियों ने बारी-बारी से एक दूसरे से डंडा लेकर जयचंद पर दर्जनों वार किए। इससे जयचंद की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों आरोपियों ने जयचंद की लाश को घसीटकर खेत में फेंककर मौके से फरार हो गए। मृतक के मोबाइल को दशरमा रोड के रास्ते में घटना में प्रयुक्त डंडे को ग्राम रिसदा के तालाब में तथा घटना में प्रयुक्त बाइक को अपने घर में छिपा दिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर बरामद कर लिया है।
प्रकरण की पतासाजी में सिटी कोतवाली टीआई रामअवतार ध्रुव, उप निरीक्षक किशोर सोनी, स्पेशल स्क्वाड प्रभारी निरीक्षक नरेश चौहान, प्रधान आरक्षक रामकुमार ठाकुर, आरक्षक मुकेश तिवारी, अजोर मांझी, प्रदीप शुक्ला, शिवकुमार देवांगन का सहयोग रहा।
Published on:
13 May 2018 05:56 pm
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