3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

करोड़ों की लागत से बना पुल ढहा, 7 गांव बने टापू

बोरियों में रेत भरकर और मिट्टी लकड़ी से सड़क का अस्थाई निर्माणकर आवागमन सुचारू किया गया है। अब बारिश के बाद ही स्थाई कार्य हो पाएंगे।

2 min read
Google source verification

image

Kanchan Jwala

Jul 05, 2016

bridge demolished

bridge demolished

मैनपुर.
राजापड़ाव गौरगांव मार्ग पर 6 वर्ष पूर्व करोड़ों रुपए की लागत से बनाए गए पुल का एक हिस्सा पहली ही बारिश में ढह गया। जिसके बाद से इस क्षेत्र के लगभग 17 ग्राम सहित धमतरी जिले के 5 से 7 ग्राम टापू में तब्दील हो गए। इन ग्रामों से संपर्क टूट गया। आवागमन पूरी तरह से आठ दिनों तक बाधित रहा।


सूचना पर सेतु निगम के अधिकारी अधिक्षण यंत्री एसके कोरी ने विभागीय अमले के साथ टूटे पुल का निरीक्षण कर तत्काल मिट्टी व रेत डालकर अस्थाई मार्ग निर्माण करने का निर्देश दिया। जिसके बाद विभाग के अधिकारी कर्मचारियों ने अस्थाई मार्ग का निर्माण किए हैं। जिससे मार्ग में आवागमन सुचारू हो गया है, लेकिन यह अस्थाई व्यवस्था है। यदि बारिश अधिक होती है तो क्षेत्र के लोगों को फिर से परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।


इस संबंध में चर्चा करने पर सेतु निगम के एसडीओ इंद्राज ने बताया कि पुल के सामने का जो सड़क का हिस्सा लगभग 20 फीट गहरा होकर बह गया था, उसमें विभागीय अधिकारियों के आदेश अनुसार अस्थाई सड़क निर्माण कर दिया गया है। बोरियों में रेत भरकर और मिट्टी लकड़ी से सड़क का अस्थाई निर्माणकर आवागमन सुचारू किया गया है। अब बारिश के बाद ही स्थाई कार्य हो पाएंगे।


प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का बुराहाल

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण का क्षेत्र में बुराहाल है। इसका अंदाजा महज इस बात से लगाया जा सकता है कि एक वर्ष बीत जाने के बाद भी समय सीमा के अंदर ठेकेदार द्वारा ढेड़ किमी सड़क को पूरा नहीं किया गया है। गौरतलब है कि तहसील मुख्यालय से 7 किमी दूर ग्राम झरियाबाहरा देवभोग मुख्यमार्ग से कमार ग्राम बेहराडीह तक 47.89 लाख रुपए से सड़क निर्माण कार्य स्वीकृत हुआ है।


जिसे 12 माह के अंदर पूर्ण किया जाना है। ऐसा उल्लेख लगाए गए बोर्ड में लिखा है, लेकिन क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की धीमी गति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक वर्ष के भीतर विभाग द्वारा इस सड़क का ढेड़ किमी कार्य अबतक पूर्ण नहीं हो पाया है। सड़क निर्माण कार्य लगभग 600 मीटर अधूरा पड़ा हुआ है और उसके निर्माण कार्य के मटेरियल सड़क में बिखर जाने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है।

Story Loader