
dedicated freight corridor (Photo- Indian Railways X)
Indian Railways: त्योहारी सीजन में यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए भारतीय रेलवे ने एक नया इतिहास रच दिया है। गया-शकूर बस्ती अनारक्षित पूजा स्पेशल ट्रेन (संख्या 03641) देश की पहली पैसेंजर ट्रेन बन गई है, जो डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) पर दौड़ी। यह उपलब्धि रेलवे के लिए गेमचेंजर मानी जा रही है, क्योंकि अब तक DFC का उपयोग केवल मालगाड़ियों की आवाजाही के लिए किया जाता था। यह कदम रेलवे के परिचालन में क्रांतिकारी बदलाव की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
छठ पर्व के बाद जब बिहार से दिल्ली और अन्य महानगरों की ओर यात्रियों की भीड़ बढ़ी, तब रेलवे ने यह ऐतिहासिक निर्णय लिया। भीड़भाड़ और ट्रेनों की देरी से परेशान यात्रियों के लिए यह पहल राहत भरी साबित हुई है। DFC मार्ग पर संचालन से मुख्य लाइनों पर ट्रेनों की संख्या घटेगी, जिससे यात्रा की गति, सुरक्षा और टाइमिंग तीनों में सुधार हुआ है।
ट्रेन संख्या 03641 (गया-शकूर बस्ती अनारक्षित पूजा स्पेशल) ट्रेन गया से शकूर बस्ती तक लगभग 1000 किलोमीटर की दूरी तय करती है, जिसमें इसकी अधिकतम रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है। अपने सफर के दौरान, यह ट्रेन रफीगंज, अनुग्रह नारायण रोड, डेहरी ऑन सोन, सासाराम, भभुआ रोड, चंदौली मझवार, दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, गाजियाबाद और नई दिल्ली जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों से होकर गुजरती है। इस रूट पर सबसे खास बात यह है कि यह गया से चूनार पहुंचने के बाद ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (EDFC) पर प्रवेश करती है और डैडरी ऑन सोन तक उसी विशेष मार्ग पर चलती है।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) मुख्य रूप से माल ढुलाई के लिए तैयार किया गया नेटवर्क है, ताकि मुख्य रेल मार्गों पर भीड़ कम की जा सके और माल परिवहन तेज हो। लेकिन इस बार रेलवे ने त्योहारों की भीड़ और बढ़ती मांग को देखते हुए यात्री ट्रेनों को DFC पर चलाने का बड़ा फैसला लिया है। उत्तर मध्य रेलवे ने बताया है कि इस सीजन में कुल 6 विशेष ट्रेनें DFC रूट पर चलेंगी, जिनमें गया–शकूर बस्ती (03641) और दानापुर–शकूर बस्ती (03263) प्रमुख हैं।
पूरे ऑपरेशन की मॉनिटरिंग प्रयागराज स्थित आधुनिक ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर (OCC) से की जा रही है। यहां से ट्रेनों की रफ्तार, लोकेशन और ट्रैक मूवमेंट की लाइव निगरानी होती है ताकि यात्रा सुगम और सुरक्षित बनी रहे। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन ट्रेनों की समयपालन दर सामान्य ट्रेनों से लगभग 30% बेहतर रही है।
Published on:
30 Oct 2025 07:25 pm
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