
गाजियाबाद। लॉकडाउन का ऐलान होने के बाद हजारों लोगों के पलायन की दर्दनाक तस्वीरें सामने आई थी। सैकड़ों किमी का रास्ता तय करके लोग अपने घरों को पहुंचे थे। लॉकडाउन पार्ट 2 भी खत्म होने वाला है। इस बीच योगी सरकार ने दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को अपने घरों तक पहुंचाने का जिम्मा उठाया है। इसके लिए लिस्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इस बीच गुरुवार को गाजियाबाद से एक और तस्वीर सामने आई है। जिले में 9 मजदूर पैदल अपने घर जाते हुए देखे गए।
करीब 140 किमी दूर है संभल
कोविड-19 की वजह से पहले 25 मार्च से पूरे देश में लॉकडाउन का ऐलान किया गया था। इसके बाद 15 अप्रैल से 3 मई तक लॉकडाउन बढ़ा दिया गया। इस दौरान दूसरे राज्यों या जिलें में फंसे मजदूर भूख के हाथों मजबूर होकर पैदल ही अपने घरों की ओर चल दिए। हालांकि, शासन और प्रशासन जरूरतमंदों का काफी ख्याल रख रहे हैं। मजदूरों के रहने और खाने का पूरा इंतजाम किया है लेकिन फिर भी कुछ मजदूर सड़क पर पैदल ही सैकड़ों किमी तय कर रहे हैं। गाजियाबाद में भी गुरुवार को ऐसा ही मामला सामने आया। नौ मजदूर हरियाणा के भिवानी से संभल जा रहे थे। इनमें कुछ किशोर भी थे। भिवानी से गाजियाबाद की दूरी 170 किमी है। जबकि गाजियाबाद से संभल की दूरी करीब 140 किमी है।
गेहूं काटने गए थे मजदूर
15 साल के लाखन का कहना है कि वे छह दिन से पैदल चल रहे हैं। उनको संभल जाना है। लाखन के साथी 16 साल के किशोर ने बताया कि वे हरियाणा के भिवानी से पैदल ही आ रहे हैं। वे 6 दिन पहले वहां से चल दिए थे। अब गाजियाबाद पहुंचे हैं। उनको अभी दो—तीन दिन और लगेंगे। अब उनका खाना भी खत्म हो गया है। आगे के लिए इंतजाम करेंगे। उनके साथ जा रहे इशफाक ने कहा कि वे भिवानी में काम करते थे। वहां गेहूं काटने गए थे। अब काम खत्म हो गया है तो गांव वापस जा रहे हैं। पिछले छह दिन पैदल चले हैं। खाना खत्म हो गया तो रास्ते के लिए कुछ इंतजाम करेंगे। दरअसल, ये वे लोग हैं, जो गेहूं काटने के लिए हरियाणा गए थे। वैसे तो उनको कोई और काम मिल जाता है, लेकिन अब लॉकडाउन के दौरान काम नहीं मिलने के कारण ये लोग वापस पैदल लौटने को मजबूर हैं।
Updated on:
01 May 2020 02:42 pm
Published on:
01 May 2020 02:40 pm
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