7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

पीएफआई पर प्रतिबंध का स्वागत लेकिन लड़ाई अभी लंबी : यति नरसिंहानंद गिरी

महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने कहा कि केंद्र सरकार ने पीएफआई पर बैन लगाया ये सराहनीय कदम है लेकिन इस्लाम के जिहाद से लड़ाई अभी बहुत लंबी है। केंद्र सरकार को संकल्प शक्ति दिखाते हुए इस्लामिक जिहाद की जड़ पर वार करने का प्रयास शुरू कर देना चाहिये।

2 min read
Google source verification
ban_on_pfi_welcome_but_fight_is_still_long_said_yeti_narasimhanand_giri.jpg

Ban on PFI welcome but fight is still long said Yeti Narasimhanand Giri

दिल्ली से सटे गाजियाबाद के डासना स्थित शिव शक्ति धाम एवं देवी मंदिर के पीठाधीश्वर एवं श्रीपंच दशनाम जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज ने केंद्र सरकार द्वारा पीएफआई को प्रतिबंधित करने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पीएफआई पर बैन लगाया ये सराहनीय कदम है लेकिन इस्लाम के जिहाद से लड़ाई अभी बहुत लंबी है। उन्होंने आगे कहा कि जिस संगठन का नाम आज तक पीएफआई था अब वही संगठन किसी और नाम से सामने आयेगा। इस्लाम का जिहाद यूं ही चलता रहेगा और निर्दोष नागरिक मारे जाते रहेंगे। इस्लाम का जिहाद किसी संगठन या व्यक्ति पर आधारित नहीं है।

इस्लामिक जिहाद की जड़ पर वार करे सरकार

यति नरसिंहानंद गिरी ने बड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि जब तक कुरान है, मदरसे हैं, मस्जिद हैं, तब तक इस्लाम के ज़िहाद को रोका नहीं जा सकता। अगर भारत सरकार अपने नागरिकों की चिंता करती है तो उसे चीन का अनुसरण करना पड़ेगा। साथ ही केंद्र सरकार को यह भी समझना पड़ेगा कि इस्लाम के जिहादियों के प्रति दया दिखाने का अर्थ ही अपने शांतिप्रिय नागरिकों का सम्पूर्ण विनाश है। केंद्र सरकार को संकल्प शक्ति दिखाते हुए इस्लामिक जिहाद की जड़ पर वार करने का प्रयास शुरू कर देना चाहिये।

अपने बयानों से विवादों में रहते हैं नरसिंहानंद गिरी

गौरतलब है कि यती नरसिंहानंद सरस्वती गिरी अक्सर ही अपने बयानों से चर्चाओं में बने रहते हैं। हाल ही में यती नरसिंहानंद गिरी महाराज ने कहा था कि हिंदुओं के नेताओं की गांधी बनने की चाह ने संपूर्ण विश्व को विनाश की ओर धकेल दिया है। हिंदू के मंदिर तोड़े जा रहे हैं। झंडे फाड़े जा रहे हैं। हिंदुस्तान के लोगों के लिए इससे बड़ी शर्मनाक बात और कुछ नहीं हो सकती।इसके विरोध में उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि वह गांधी की समाधि पर उपवास करेंगे। उनके इस बयान पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था।