
गाजियाबाद पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है, जिसने 4 माह के एक नवजात को अगवा किया था। पुलिस ने गिरोह की चार महिला और एक पुरुष को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने 5 अगस्त को 4 माह के नवजात का अपहरण कर लिया था।जानकारी के मुताबिक स्वाट टीम और कोतवाली पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन में सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से सकुशल नवजात को बरामद किया।
मिली जानकारी के अनुसार 6 अगस्त को विक्की प्रजापति ने थाना में शिकायत दी थी कि 5 अगस्त को दोपहर करीब 12.30 बजे उसकी पत्नी अपने चार माह के नवजात बेटे को लेकर महरौली अंडरपास से ऑटो से जिला एमएमजी अस्पताल इलाज कराने गई थी। साथ ही उनकी दोस्त कविता भी थी। उस ऑटो में पहले से एक महिला बैठी थी। कविता ने ऑटो में बैठी महिला को बच्चा दिलवा दिया और विक्की की पत्नी शायना उर्फ सृष्टि को पर्ची बनवाने के बहाने काउंटर पर लेकर गई। जैसे ही वो वापस आई तो देखा कि उसका बच्चा, महिला, ऑटो चालक सभी फरार हैं।
इस मामले में पुलिस ने टीमों का गठन किया। जांच के दौरान 6 अगस्त को ही बच्चे को 10 घंटे के अंदर बरामद कर लिया गया। बच्चे को उसके माता-पिता को सौंप दिया गया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में लोकेश अरोड़ा, उसकी पत्नी कविता अरोड़ा के अलावा सुलेखा देवी, फूल बाई और कविता को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस पूछताछ में पता चला है कि इस घटना में फरार अभियुक्त लतीफ, फूलबाई का प्रेमी है। फूलबाई के पास ही रहने वाली सृष्टि को 4 माह पूर्व बच्चा पैदा हुआ था। उसी समय से लतीफ और फूलबाई की नजर बच्चे का अपहरण कर बेचने की थी। इसी योजना के क्रम में फूलबाई ने अपनी बेटी कविता को सृष्टि के साथ इलाज के लिए अस्पताल भेजा था।
पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी अभियुक्तों ने तीन महीने पहले झुग्गी- झोपड़ी थाना क्षेत्र मधुबन बापूधाम से एक बच्चे के अपहरण की बात का खुलासा किया है।
Published on:
07 Aug 2024 07:09 pm
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