मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दिए मामले की जांच किए जाने के आदेश
गाजियाबाद। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहन राशि देने के लिए योजना चलवा रहे है। लेकिन गाजियाबाद जनपद के सरकारी अस्पतालों में इसकी जमकर धज्जी उड़ाते हुए रूपये दिए जाने की जगह उल्टा रूपये की मांग की जा रही है। ऐसा ही एक मामला लोनी में सामने आया है। पूरे मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जांच किए जाने के आदेश दिए है। अधिकारी का भी मानना है कि पहले भी ऐसे मामले सामने आए है जिनमें एनएम को निलम्बित किया गया था।
क्या है पूरा मामला
लोनी शरदकुंज में एक महिला परिवार के साथ मे रहती है। गर्भवती महिला की सास समनत्रा ने बताया कि वो अपने बेटे और बहू के साथ में लोनी केे क्षेत्रीय स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज कराने के लिए गई। यहां पर दवाई और डिलीवरी के नाम पर पांच सौ रूपये मांगे गए। इसकी शिकायत वहां मौजूद अधिकारी के साथ में की गई है।
सरकारी अस्पतालों में डिलीवरी के लिए पीएम कर रहे प्रोत्साहित
देशभर में प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी सरकारी अस्पतालों में महिलाओं को डिलीवरी के लिए पोत्साहित कर रहे है। इसके लिए गर्भवती महिलाओं को छह हजार रूपये तक दिए जाते है। इसके अलावा यूपी में योगी भी मुफ्त में गर्भवती महिलाओं के इलाज और दवाईंयां दिए जाने की बात कहते है। ऐसे में इस तरीके की शिकायतों के आने के बाद पीएम और सीएम की योजनाओं को चूना लगाया जा रहा है।
सीएमओ का कहना
गाजियाबाद के सीएमओ एने गुप्ता ने बताया कि सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं को डिलीवरी के लिए रूपये दिए जाते है उनसे लिए नहीं जाते है। इससे पहले कुछ गर्भवती महिलाओं से पैसे लिए जाने का मामला सामने आया था। जिसके चलते एनएम को सस्पेंड कर दिया गया था। अब इस मामले की फिर से जांच की जाएगी अगर सत्यता मिलती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।