
दिल्ली से सटे गाजियाबाद में नगर निगम ने टैक्स वसूली का एक नया मापदंड तैयार किया है। जिसके तहत नगर निगम ने पहली बार मिश्रित संपत्ति के लिए अलग टैक्स वसूली की योजना बनाई है। यानी अब शहर में स्थित मकान में दुकान चलाने वालों को दोहरा टैक्स अदा करना होगा। इसके लिए निगम ने पूरी तरह से खाका तैयार कर लिया है। इतना ही नहीं शहर में सर्वेक्षण का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। जिसके तहत शहर के मकानों में चल रही करीब 35 से 40 हज़ार दुकानें अब टैक्स के दायरे में आ जाएंगी। नगर निगम के अधिकारियों की मानें तो निगम की इस योजना के बाद से उसे मिश्रित संपत्ति से करीब ₹5 करोड़ रुपये सालाना मिलेंगे। आपको बता दें कि ये रूल गाजियाबाद के अलावा गौतमबुद्ध नगर में भी लागू किया जाएगा।
शहर में सर्वे का कार्य पूरा किया गया
दरअसल, गाजियाबाद में तमाम इलाके ऐसे हैं, जहां पर कमर्शियल संपत्ति के अलावा आवासीय संपत्ति यानी मकान में भी दुकानें बनाई हुई हैं। लेकिन अभी तक नगर निगम मकान का ही टैक्स वसूल रहा था। लेकिन अब नगर निगम के अधिकारियों ने एक विशेष योजना तैयार की है। जिसके तहत मकानों में बनी दुकानों का भी टैक्स वसूला जाएगा। इसके लिए निगम ने बाकायदा पूरी तरह से सर्वे भी पूरा कर लिया है। फिलहाल सर्वे के दौरान 35000 ऐसी दुकानें पाई गई हैं, जो मकानों में चलाई जा रही हैं। इसके अलावा अभी अन्य कई ऐसे इलाके हैं, जहां मकानों में दुकानें बनी हुई हैं और लगातार संचालित हो रही हैं। लेकिन टैक्स के नाम पर केवल मकान का ही टैक्स निगम में जमा किया जाता है।
टैक्स का निर्धारण एरिया के हिसाब से
इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा ने बताया कि जिन मकानों में दुकानें बनी हुई हैं। अब उनसे मकान के अलावा दुकानों का भी टैक्स लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि टैक्स का निर्धारण एरिया के हिसाब से किया गया है। उदाहरण के तौर पर यदि एक मकान में यदि 4 दुकानें हैं तो चारों का टैक्स जोड़कर भेजा जाएगा। इसके अलावा यदि मकान मालिक ने दुकानों को बेच दिया है तो अलग-अलग टैक्स का बिल जारी किया जाएगा। इतना ही नहीं जिस मकान में दुकान बनी हैं उस मकान का टैक्स भी अलग से लिया जाएगा। अगले सप्ताह से नोटिस बांटे जाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
Published on:
10 Aug 2022 11:17 am
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