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लखनऊ की यह फर्म बनाएगी गाजियाबाद नगर निगम का सॉफ्टवेयर

25 लाख रुपये की लागत से खत्म किया जाएगा मैनुअल काम

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Rajkumar Pal

Jul 08, 2017

ghaziabad nagar nigam

ghaziabad nagar nigam

गाजियाबाद। नगर निगम में अब जल्द ही लोगों को एक क्लिक के जरिए किसी भी विभाग की जानकारी मिल सकेगी। दरअसल नगर निगम में सालों से चल रहे मैनुअल काम में अब बदलाव किए जाने की कोशिश की जा रही है। नई आयुक्त ने इसके लिए सकारात्मक कदम उठाए हैं। निगम में बदलाव की लहर राजधानी लखनऊ से बहेगी। लखनऊ की एक फर्म गाजियाबाद नगर निगम का सॉफ्टेवयर तैयार करेगी। इसके जरिए निगम में तैनात कर्मचारियों को काम करने में राहत मिल सकेगी। इसके अलावा फाइलों के गायब होने पर भी रोक लग सकेगी।

अधिकारियों का दावा है कि इस काम पर 25 लाख का खर्चा आएगा। एक बार सॉफ्टवेयर तैयार होने के बाद निगम के अधिष्ठान और लेखा विभाग के कार्य में सुधार आएगा। इससे जुड़ा प्रस्ताव सदन के समक्ष लाने की तैयारी की गई है।

निगम के ज्यादातर विभाग में तैनात तमाम कर्मचारियों के एरियर, वेतन इत्यादि काम कम्प्यूटर पर मैनुअल की भांति किए जाते हैं। इसी तरह से निगम के लेखा विभाग में भी ज्यादातर काम मैनुअल किया जाता है। फार्म 16 ए तथा निगम की बैलेंस सीट कार्य आउट सोर्सिंग सीए फर्म से कराया जाता है। मैनुअल काम होने की वजह से 100 से ज्यादा फाइल अब तक चोरी या फिर गायब हो चुकी है। अगर सिस्टम में डाटा पड़ा रहता था तो वो डिलीट हो जाता था। लेकिन नया सॉफ्टवेयर तैयार होने के बाद में बैकअप की भी अलग से व्यवस्था रहेगी।

नगर निगम के आयुक्त सीपी सिंह का कहना है कि सॉफ्टवेयर तैयार होने के बाद कार्य शैली में बदलाव आएगा। एक पल में जानकारी सामने होगी। इसके अलावा डाटा और फाइलों के खोने का खतरा भी कम हो जाएगा।

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