Ghaziabad News: रामनवमी पर देश में इस्लामिक सहयोग संगठन ओआईसी ने हिंसा फैलाई थी। वो इसमें हालांकि पूरी तरह से सफल नहीं हो सका। यह बाते प्रोफेसर डॉ. कादिर अनवर ने कही।
Ghaziabad News: भारत ने हमेशा विविधता में एकता को बढ़ावा दिया है। जो भारत की मूल ताकत रही है। भारत में विभिन्न संप्रदाय, धर्म, नस्ल व भाषाई समूह मिलजुल कर रहते हैं। इतनी बड़ी संख्या होने के कारण कभी कभार थोड़ी बहुत खटपट हो जाती है। हालांकि, भारत ने सदैव से ही हिंसा के विचार की निंदा की है और इसे कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। यह बातें एक कांफ्रेस में प्रोफेसर डॉ. बादिर अनवर ने कहीं।
उन्होंने कहा कि मार्च में बिहार, बंगाल, महाराष्ट्र और गुजरात राज्यों में रामनवमी के दौरान छिटपुट हिंसा के कुछ उदाहरण देखे। जिसे मुस्लिम देशों के संगठन इस्लामिक सहयोग संगठन OIC द्वारा मुस्लिम विरोधी रंग दिया गया था। जिसमें भारत का कट्टर प्रतिद्वंदी पाकिस्तान इसमें शामिल है।
उन्होंने कहा कि ओआईसी ने भारत की अखंडता के खिलाफ काम करने वाले एक कुख्यात अलगाववादी और आतंकवादी यासीन मलिक के मामले में फैसले के भारत की आलोचना की है। जिसकी आतंकवादी गतिविधियों का दस्तावेजीकरण किया गया और अदालत में पेश किया गया।
उन्होंने ओआईसी पर निशाना साधते हुए कहा कि अन्य घटना में ओआईसी के महासचिव हिसैन ब्राहिम ताहा द्वारा 16 मार्च 2023 को आयोजित जम्मू-कश्मीर पर ओआईसी संपर्क समूह की मंत्रीस्तरीय बैठक में जम्मू-कश्मीर के लोगों को उनके आत्मनिर्णय के अधिकार को साकार करने में ओआईसी के निरंतर समर्थन की पुष्टि की गई थी।
भारतीय त्यौहार पारंपरिक रूप से प्रेम, करूणा और भाईचारे का प्रतीक हैं, जहाँ लोग अपने मतभेदों को साझा करते हैं। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जुलूसों/कार्यक्रमों के आयोजकों और इसमें शामिल समुदायों और आयोजकों को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
इस दौरान उन्होंने कहा कि यह पहचानना जरूरी है कि हिंसक धार्मिक सभाओं का भारत के नाज़ुक सामाजिक ताने-बाने पर सीधा प्रभाव पड़ता है। यह सभी समुदायों की जिम्मेदारी है कि वे ऐसी घटनाओं को होने से रोकने के लिए मिलकर काम करें।