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केसी त्यागी ने बेटे के साथ थामा जयंत चौधरी की RLD का दामन, जेडीयू से मोहभंग

KC Tyagi joins RLD : 'जेडीयू के दिग्गज नेता केसी त्यागी और उनके बेटे अम्बरीष त्यागी ने जयंत चौधरी की मौजूदगी में रालोद (RLD) की सदस्यता ले ली है।

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के सी त्यागी ने ज्वाइन की RLD, PC- X

गाजियाबाद। देश की राजनीति में 'समाजवाद' की मुखर आवाज माने जाने वाले वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने आखिरकार जनता दल यूनाइटेड (JDU) से अपना बरसों पुराना नाता तोड़ लिया है। लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए त्यागी और उनके पुत्र अम्बरीष त्यागी ने राष्ट्रीय लोक दल (RLD) का दामन थाम लिया। केंद्रीय मंत्री और रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने दिल्ली में एक औपचारिक कार्यक्रम के दौरान दोनों को पार्टी की सदस्यता दिलाई।

केसी त्यागी केवल एक नाम नहीं, बल्कि गठबंधन की राजनीति के पुराने खिलाड़ी और जेडीयू के 'बौद्धिक स्तंभ' रहे हैं। उनके रालोद में जाने से जयंत चौधरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर एक मंझा हुआ रणनीतिकार मिल गया है। वहीं, अम्बरीष त्यागी के रूप में पार्टी को एक ऐसा युवा चेहरा मिला है, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुनावी प्रबंधन का अनुभव रखता है।

पूर्व JDU नेता के.सी. त्यागी ने राष्ट्रीय लोक दल (RLD) में शामिल होने पर कहा, "मैंने अपना राजनीतिक जीवन ही लोक दल से शुरू किया था। ये उसी का स्वरूप है, इसमें कुछ नया नहीं है… जो चौधरी चरण सिंह का बचा हुआ सपना है, उसे पूरा करने में हम मदद करेंगे… जदयू और RLD में कोई फर्क नहीं है। एक दिन ऐसा भी था जब नीतीश कुमार और चौधरी चरण सिंह एक पार्टी बनाने वाले थे। इन दोनों में कोई अंतर नहीं है…"

नीतीश कुमार को 'भारत रत्न' की मांग बनी फांस

राजनीतिक पंडितों की मानें तो त्यागी और नीतीश कुमार के बीच दूरियां अचानक नहीं बढ़ीं। इसकी पटकथा कुछ माह पहले ही लिखी जा चुकी थी। केसी त्यागी ने 9 जनवरी को दिए बयान में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को 'भारत रत्न' देने की वकालत की थी।

चौंकाने वाली बात यह रही कि जेडीयू ने इस मांग का समर्थन करने के बजाय त्यागी पर ही सवाल उठा दिए। पार्टी के आधिकारिक हलकों से यहां तक कहा गया कि 'यह स्पष्ट नहीं है कि त्यागी अब पार्टी में हैं भी या नहीं।'

इसी महीने 16 तारीख को त्यागी ने साफ कर दिया था कि उन्होंने जेडीयू के सदस्यता अभियान में अपना नवीकरण (Renewal) नहीं कराया है, जो उनके अगले कदम का स्पष्ट संकेत था।

जेडीयू के 'चाणक्य' का सियासी सफर

केसी त्यागी उस दौर के नेता हैं जब 2003 में समता पार्टी और जनता दल का विलय हुआ था। जॉर्ज फर्नांडिस, शरद यादव और नीतीश कुमार के साथ उन्होंने पार्टी को सींचने में बड़ी भूमिका निभाई। दिल्ली की सत्ता के गलियारों में जेडीयू का पक्ष मजबूती से रखने और विपक्षी दलों के साथ तालमेल बिठाने में त्यागी हमेशा अग्रणी रहे। लंबे समय तक प्रधान महासचिव के पद पर रहते हुए उन्होंने पार्टी की नीतियों को आकार दिया।

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