Weather Alert: यूपी में एक बार फिर से मानसून सक्रिय होने वाला है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इससे कई जिलों में तबाही मच सकती है।
Weather Alert: उत्तर प्रदेश वासियों को जल्द उमस और गर्मी से राहत मिलने वाला है। 23 जुलाई से एक बार फिर से मानसून सक्रिय होने वाला है। इससे मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक भीषण बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके बाद अगले कुछ दिनों में तापमान फिर बढ़ने के आसार हैं। उत्तर प्रदेश में मानसून ट्रफ के दक्षिण हिस्से की ओर शिफ्ट हो जाने से बारिश में ब्रेक लग गया है।
यूपी मौसम विभाग की मानें तो आज आगरा लखनऊ में आज दिनभर आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, लेकिन 24 जुलाई के बाद मौसम में परिवर्तन हो सकता है। लखनऊ में रविवार को बौछारें पड़ सकती है।
जानिए पूरे हफ्ते का हाल
यूपी मौसम विभाग की मानें तो 22 जुलाई को पश्चिमी व पूर्वी उत्तर प्रदेश में गरज चमक के साथ एक दो जगहों पर हल्की बारिश व बौछारें पड़ने की संभावना है। वहीं 23 जुलाई को पश्चिमी यूपी में कुछ स्थान पर और पूर्वी यूपी में एक दो स्थान पर बादल गरजने और बिजली गिरने के साथ बारिश होने की संभावना है। 24 जुलाई को पश्चिमी व पूर्वी यूपी में अनेक स्थान पर गरज चमक के साथ बारिश हो सकती है। वही 25, 26 और 27 जुलाई को लगभग सभी स्थानों पर गरज चमक के साथ बारिश होने की उम्मीद है। 25 जुलाई को भी दोनो हिस्सों में एक दो स्थानों पर तेज बारिश का अलर्ट है।
प्रयागराज में 37 डिग्री तापमान किया गया रिकॉर्ड
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानियों के मुताबिक ओडिशा तट पर बने कम दबाव क्षेत्र के प्रभाव से मानसून ट्रफ अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर खिसकी है। इस कारण मानसून के अनुकूल परिस्थितियां अप्रभावी हो गई हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में बीते दिनों अधिकतम 2.6 डिग्री तक पारे में बढ़ोतरी दर्ज की गई। सर्वाधिक तापमान प्रयागराज में 37 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पारे में अधिकतम 6.4 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 23 जुलाई से बरसात फिर से शुरू हो सकती है। मौसम विशेषज्ञ एचआर रंजन के मुताबिक मानसून के अनुकूल परिस्थितियां विकसित होने पर पूरे प्रदेश में मानसून 28 जुलाई से फिर एक्टिव होगा। इसके बाद फिर बरसात होगी।
गंगा के मैदानी इलाकों में नहीं है मानसून ट्रफ
लखनऊ विश्वविद्यालय में भूविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. ध्रुवसेन सिंह कहते हैं कि इस वक्त मानसून के ब्रेक होने की कई वजहें हैं। एक तो अलनीनो सक्रिय है, जिससे मानसून कमजोर पड़ गया। बादल छाए रहने के कारण पृथ्वी से विकिरण अंतरिक्ष तक नहीं जा पा रहा है। इस कारण धरती गरम बनी हुई है। इस वक्त मानसून ट्रफ गंगा के मैदान में होना चाहिए था, लेकिन वह यहां से बाहर है। इसी तरह पश्चिमी विक्षोभ यहां तक नहीं आ पा रहा है।