30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

औवेसी जैसे नेताओं पर लगनी चाहिए पाबंदीः एमएस बिट्टा

बिट्टा ने कहा- कन्हैया ने नहीं जीता कारगिल, फिर भी बना रहे हैं हीरो
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

•

image

Archana Sahu

•

Updated: 11 May 2016, 12:46 PM IST

ms bitta

ms bitta

गाजियाबाद
। 'भारत में रहकर भारत माता की जय बोलने में कैसा हर्ज है। जिस मिट्टी में रहते हैं उसको सम्मान देना चाहिए। राजनीतिक रोटियों को सेंकने के लिए औवसी जैसे नेता देश के माहौल को खराब करने का प्रयास करते हैं।' यह कहना है ऑल इंडिया टेरेरिस्ट फ्रंट के चैयरमैन एमएस बिट्टा का।


बिट्टा ने औवेसी जैसे नेताओं पर हमला बोलते हुए कहा कि देश की छवि को खराब करने वाले और भारत मां को अपमानित करने वाले ऐसे नेताओं पर पाबंदी लगनी चाहिए। हमारे देश में हर धर्म के जवान भारत माता के उद्घघोष लगाकर खुद को गौरवान्वित महसूस करता है। इस तरीके की बातों से देश के लोगों को चिढ़ाने की कोशिश की जाती है।


कन्हैया ने नहीं जीता कारगिल, फिर भी बना रहे हीरो


एमएस बिट्टा ने बिना नाम लिए कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जेएनयू के छात्र कन्हैया ने देशद्रोही नारे लगाए। देश में रहकर यहां का अपमान करके लोगों के साथ में प्रतिघात किया। उसने किसी प्रकार का कोई कारगिल नहीं जीता, लेकिन फिर भी कुछ लोग उसे हीरो बनाने की कोशिश में लगे हुए हैं। ऐसे राजनेताओं से बिट्टा ने अपील की कि वे शिक्षण संस्थानों और यूनिवर्सिटी में राजनीति न करें।


महाराष्ट्र सबका है, राज ठाकरे का नहीं


हमारे ही देश में सब धर्म के लोग एक दूसरे के भाई बहन है। सबके बीच भारतीय होने का रिश्ता है। महाराष्ट्र में राज ठाकरे यहां के लोगों को निकालने की बात कहते हैं। मैं चैलेंज करता हूं कि वहां के लोगों को कोई यहां से निकालने की बात तो करके देखे।