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अगर पतंजलि का बनना चाहते हैं डिस्ट्रिब्यूटर, तो ये खबर पढ़कर आपके उड़ जाएंगे होश

10 से 20 लाख रुपए लेकर भी नहीं दिए जा रहे हैं डिस्ट्रीब्यूटरशिप, हो रहा ऐसा काम
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गाज़ियाबाद

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Iftekhar Ahmed

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Updated: 11 May 2018, 9:33 AM IST

Patanjali product

गाजियाबाद. योगगुरु बाबा रामदेव के प्रसिद्ध ब्रांड पतंजलि की बाजार में इतनी ज्यादा मांग है कि हर दिन नए डीलर और डिस्ट्रिब्यूटर बनने वालों की लाइन लगी रहती है। हालात ये है कि पहले कैश देने के बाद भी कई-कई दिन बाद माल की सप्लाई होती है। अब कुछ लोग इसकी का फायदा उठाकर लोगों को करोड़ों का चूना लगा रहे हैं। नोएडा पुलिस ने ऐसे ही दो लोगों को गिरफ्तार किया है,जो फर्जी वेबसाइट बनाकर पतंजलि डिस्ट्रिब्यूटर बनाने के नाम पर लोगों से करोड़ों की ठगी कर चुके हैं।

नोएडा साइबर सेल ने गुरुवार को पतंजलि का डिस्ट्रिब्यूटर बनाने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले 2 लोगों को गिरफ्तार किया। नोएडा के एएसपी डॉ. अजय पाल शर्मा ने बताया कि सेक्टर 55 में रहने वाले राजेंद्र कुमार वर्मा ने थाना सेक्टर 20 में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पतंजलि डिस्ट्रिब्यूटर डॉट ऑर्ग वेबसाइट के माध्यम से उन्होंने पतंजलि उत्पादों की डिस्ट्रीब्यूटरशिप के लिए आवेदन किया था। इसके लिए उनसे 10 लाख ले लिए। लेकिन जब एक फिर से इन लोगों ने और 6 लाख रुपए की मांग की तो वर्मा को शक हुआ और उन्होंने इस मामले की रिपोर्ट थाना सेक्टर 20 में दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने घटना की जांच नोएडा साइबर सेल को सौंप दी। अब साइबर सेल ने कार्रवाई करते हुए इन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।


एसएसपी गौतमबुद्धनगर डॉ. अजय पाल शर्मा ने बताया कि ने बताया कि वेबसाइट चलाने वाले लोगों ने नोएडा और गाजियाबाद में पतंजलि की डिस्ट्रिब्यूटरशिप देने के लिए वर्मा से 10 लाख रुपए ले लिए। उन्होंने बताया कि जब इन लोगों ने और 6 लाख रुपए की मांग की तो वर्मा को शक हुआ और उन्होंने इस मामले की रिपोर्ट थाना सेक्टर 20 में दर्ज कराई। उनकी शिकायत के आधार पर घटना की जांच नोएडा साइबर सेल को सौंपी गई।

इसी कड़ी में गुरुवार को साइबर सेल ने इस मामले में अनूप कुमार वर्मा और समीर शर्मा को गिरफ्तार किया है। एसएसपी शर्मा के मुताबिक अनूप अपने आप को आचार्य बालकृष्ण का पीए बताकर लोगों से ठगी करता था। इस मामले में पुलिस को रोशन, विकास और वीरू की तलाश कर रही है, लेकिन यह तीनों अभी फरार हैं। उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान पुलिस को यह पता चला कि इन लोगों ने दर्जनों लोगों को ठगी का शिकार बनाया है।