
गाजियाबाद। देश के सबसे लंबे सिंगल पिलर एलिवेटिड रोड के समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री और कार्यकर्ताओं के द्वारा शुभारंभ किए जाने के मामले ने एक बार फिर से तूल पकड़ लिया है। सपा के सरंक्षक मुलायम सिंह यादव के करीबी अब पूर्व मंत्री के समर्थन में आ गए है। उनकी तरफ से विधान परिषद को गाजियाबाद पुलिस के कारनामे और गलत रिपोर्ट लिखे जाने के संबंध में लेटर लिखा है। जिसमें धारा 307 और सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने की धारा को थोपे जाने वाली बताया है।
इनकी तरफ से भेजा गया लेटर
डा असीम यादव,एमएलसी आशू मलिक,दिलीप यादव और सतारूढ प्रकाश ने संयुक्त रूप से प्रमुख सचिव विधान परिषद को लिखा है। पत्र के माध्यम से नियम-223 के अन्तर्गत सूचना देते हुए बताया कि एलीवेटेड रोड का निर्माण कार्य समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान आरंभ हुआ था। ज्यादातर निर्माण कार्य सपा सरकार के कार्यकाल के दौरान पूरा कर लिया गया था। राकेश यादव के द्वारा जन इच्छा के परिणाम स्वरूप इस एलीवेटेड रोड का उदघाटन 16 मार्च को कर दिया गया था। इसके बाद खोडा में जहरीली शराब से मरे लोगों के परिवार में संवेदना व्यक्त करने श्री यादव चले गए थे।
पत्र के माध्यम से कहा गया कि मनोज कुमार गर्ग के द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमें में दुर्भावना से ग्रसित होते हुए विधान परिषद सदस्य राकेश यादव पर धारा 307 के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। एमएलसी आशु मलिक के मुताबिक इस बार जनता गुमराह होने के मूड में नहीं है। आने वाले समय में बदलाव देखने को मिलेगा। विधायक आशु मलिकं ने पूरे प्रकरण को दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए प्रमुख सचिव विधान परिषद से प्रकरण को सदन में रखे जाने का आग्रह किया गया है।
Published on:
28 Mar 2018 03:40 pm

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