घोटालों का गढ़ बन चुके नगर निगम में आज से दो दिवसीय बोर्ड बैठक शुरू हुई। बैठक में विकास कार्यों के लिए सालाना बजट पर चर्चा होनी थी, लेकिन पार्षद, अफसर और कर्मचारियों के हंगामे की भेट चढ़ गई। महापौर को पहले पार्षदों के हंगामा करने पर 15 मिनट के लिए बैठक को स्थगित करना पड़ा। उसके बाद में कर्मचारियों ने विरोध करना शुरू कर दिया। जिसके बाद में बोर्ड बैठक को अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दिया गया।