
मुहम्मदाबाद नगर पालिका
इस वक्त प्रदेश में निकाय चुनाव चल रहा है। इसमें आम आदमी से लेकर माफिया र उसके समर्थक अपनी किस्मत आजमा रहे है। ऐसे में उत्तर प्रदेश में चुनाव हो और मुख्तार अंसारी परिवार की बात न हो। ऐसा हो ही नहीं सकता। पूर्वांचल के गाजीपुर से आने वाला अंसारी परिवार देश की राजनीति से लेकर जिले तक की राजनीति में अपनी पकड़ रखता है। खासकर अपने गृह क्षेत्र मुहम्मदाबाद में तो उनके परिवार की मर्जी के बिना 1995 से लेकर अब तक कोई चुनाव नहीं जीत पाया। तो आइए जानते है इस सीट के बारे में कैसे यह अंसारी का गढ़ बनता चला गया।
अंसारी परिवार ने जिसे चाहा वहीं बना अध्यक्ष
जिले के लोग बताते है कि 1995 के चुनाव को छोड़ दिया जाए तो हर बार अंसारी बंधुओं के करीबी ही नगरपालिका की कुर्सी पर विराजमान होते हैं। उनके मर्जी के बिना न तो कोई यहां चुनाव लड़ सकता है और न ही जीत सकता है। लोग इस सीट पर चुनाव लड़ने से पहले लोग कई बार सोचते है और कई बार तो पर्चा भरने के बाद उसे वापस ले लेते हैं।
सपा ने अंसारी परिवार के करीबी को दिया है टिकट
समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी रईस अंसारी को अंसारी परिवार का आशीर्वाद प्राप्त है और वह समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे है। लोगों से समर्थन के लिए लगातार प्रचार-प्रसार में जुटे हुए हैं। मीडिया चैनल से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह चुनाव जीतने के बाद नगर के विकास के लिए पूरा प्रयास करेंगे. इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि लोगों के आशीर्वाद और अंसारी परिवार के आशीर्वाद से वह नगर पालिका की कुर्सी तक जरुर पहुंचेंगे।
भाजपा प्रत्याशी ने किया अपनी जीत का दावा
मुहम्मदाबाद नगर पालिका परिषद से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी संदीप गुप्ता उर्फ दीपू इस बार मैदान में हैं। उन्होंने कहा कि पहले के अध्यक्षों ने क्षेत्र में विकास के नाम पर कुछ भी नहीं किया है। इस बार जनता अंसारी बंधुओं के वर्चस्व को तोड़ते हुए वोट देगी और जीत हासिल करने के बाद वह अपने विजन के अनुसार नगर पालिका परिषद के विकास का काम करेंगे।
भाजपा के बागी बने मुसीबत
नगरपालिका मोहम्मदाबाद में इन दिनों भारतीय जनता पार्टी की राह में निर्दलीय प्रत्याशी जो भाजपा से बगावत कर चुनाव लड़ रहे हैं। वह काफी संकट खड़ा कर सकते हैं क्योंकि बीजेपी के टिकट पर कई बार चुनाव लड़ चुके तेज बहादुर यादव ने बताया कि वह मोहम्मदाबाद से उस वक्त चुनाव लड़े जब कोई भाजपा का झंडा पकड़ना नहीं चाहता था। तब उन्होंने अंसारी बंधुओं से लोहा लेने का काम किया था। इस बार उनका टिकट काट दिया गया। लेकिन वह हार मानने वाले नहीं है। साथ ही उन्होंने भाजपा प्रत्याशी पर आरोप लगाया कि वह मुख्तार अंसारी के चचेरे भाई और उनके अन्य लोगों के पैसे से प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं।
Published on:
28 Apr 2023 07:48 pm

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