2 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

उसरी चट्टी कांड से जुड़े दो आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज, 22 साल पहले मुख्तार पर हुआ था हमला

Ghazipur News: साल 2001 में हुए उसरी चट्टी कांड का जिन बोतल से एक बार फिर बाहर आ गया है। इस मामले में जेल में बंद दो आरोपियों की जमानत एप्लिकेशन गाजीपुर कोर्ट ने खारिज कर दी।

2 min read
Google source verification
Bail applications of two accused related to Ghazipur Usri Chatti incident rejected

Ghazipur News

Ghazipur News: गाजीपुर का बहुचर्चित उसरी चट्टी कांड 22 साल बाद फिर चर्चा में हैं। इसकी वजह बनी इस कांड के जेल में बंद दो आरोपियों की जमानत अर्जी, जिसे अपर स्तर न्यायाधीश संजय कुमार यादव ने मंगलवार को खारिज कर दिया। बता दें कि इस कांड एम् मुख़्तार अंसारी ने माफिया बृजेश सिंह और त्रिभुवन सिंह सहित कई लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। वहीं 22 साल बाद इसमें मारे गए हमलावर मनोज राय के पिता ने 20 जनवरी 2023 को एक मुकदमा मुख़्तार अंसारी के ऊपर दर्ज कराया था।

मनोज राय के पिता ने दर्ज कराया है नया मुकदमा

14 जुलाई 2001 को हुए उसरी चट्टी कांड में मुख़्तार ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें हमलावरों से मनोज राय, मुख़्तार अंसारी का एक गनर और एक व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गयी थी। इस मामले में मनोज राय के पिता ने 22 साल बाद जनवरी 2023 में मुख़्तार अंसारी, सुरेंद्र शर्मा, शाहिद, गॉस, मोहुनुद्दीन, कमाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इसकी विवेचना में जफर उर्फ चंदा और सरफराज उर्फ मुन्नी का भी नाम सामने आया था।

जफर उर्फ चंदा और सरफराज उर्फ मुन्नी की जमानत खारिज

इस मामले में मुख्तार अंसारी जेल में हैं। वहीं सुरेंद्र शर्मा, शाहिद, गॉस, मोहुनुद्दीन की गिरफ्तारी पर हाईक्रोट ने रोक लगा दी है। वहीं पुलिस ने हाल ही में जफर उर्फ चंदा और सरफराज उर्फ मुन्नी को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इन दोनों ने न्यायालय में जमानत की अर्जी दाखिल की थी जिसपर सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।

22 साल पहले मुख्तार पर हुआ था हमला

उसरी चट्टी का चर्चित मामला 22 साल पुराना है। 15 जुलाई 2001 को यूपी में पंचायत चुनाव चल रहे थे। मुख्तार अंसारी अपने समर्थकों का प्रचार करने के लिए रविवार की छुट्टी के दिन भी अपने गांव मोहम्मदाबाद से काफिले के साथ निकला हुआ था। मोहम्मदाबाद से 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित उसरी चट्टी गांव में कुछ लोग एक ट्रक पर छिपे हुए थे। मुख्तार का काफिला नजदीक आने पर ट्रक पर सवार लोगों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि मुख्तार समेत दर्जनभर लोग घायल हुए थे। मुख्तार अंसारी ने इस मामले में बृजेश सिंह और उसके साथी त्रिभुवन सिंह को नामजद कराते हुए कुल 17 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। बृजेश और त्रिभुवन के अलावा बाकी 15 लोग अज्ञात थे। इस मामले में अब मनोज राय के पिता ने भी मुकदमा दर्ज कराया है मुख्तार के खिलाफ हुआ कहा कि 22 साल मुख्तार के डर की वजह से मुकदमा नहीं दर्ज कराया था।

Story Loader