भोजपुरी गायक व सुर संग्राम विजेता मोहन राठौर ने अप्रैल 2018 में पत्नी से तलाक लेने का मुकदमा दायर किया था
गाजीपुर. कोर्ट ने भोजपुरी गायक व सुर संग्राम विजेता मोहन राठौर को पत्नी के भरण-पोषण का भत्ता देने का आदेश दिया है। जिसमें भरण पोषण के लिए 15 हजार प्रतिमाह, वहीं ब्लड कैंसर से पीड़ित बेटी के इलाज के लिए 25000 एक मुश्त अप्रैल 2018 से लेकर अब तक देने का आदेश दिया है। भोजपुरी गायक व सुर संग्राम विजेता मोहन राठौर ने अप्रैल 2018 में पत्नी से तलाक लेने का मुकदमा दायर किया था। जिसपर अभी कार्रवाई चल रही है।
बता दें कि भोजपुरी गायक मोहन राठौर का विवाह 2004 में हुई है। विवाह के निर्मला ने एक पुत्री को जन्म दिया। जिसके बाद मोहन राठौर महुआ चैनल के भोजपुरी कार्यक्रम सुर संग्राम से पूरे देश में चर्चित हो गये और मुम्बई में ही रहकर गाना और अभिनय का काम करने लगे। पत्नी निर्मला राठौर का कहना है कि सास-ससुर और देवर देवर उसे प्रताड़ित करते थे। निर्मला का कहना है कि जब वह इसकी शिकायत अपने पति से की तो उसने कह दिया कि जैसा परिवार वाले कह रहे वैसा करो। मोहन राठौर पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि मुम्बई में दूसरी औरत के साथ अवैध सम्बन्ध हैं और उससे शादी भी कर लिए हैं। वहीं बताई कि बेटी को कैंसर है और ससुराल वाले उसे घर से बाहर करने के लिए परेशान कर रहे थे जिसकी सूचना दिलदारनगर थाने में दिया था। गायक की पत्नी ने अपने भरण-पोषण भत्ता के लिए भी अपील की थी।
पत्नी निर्मला राठौर के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पहुंचने की खबर सुनते ही भोजपुरी स्टार मोहन राठौर ने एसपी ऑफिस पर पहुंचकर अपने पत्नी के खिलाफ ब्लेकमेल करने का आरोप लगाते हुए न्याय मांगा था। मोहन राठौर ने प्रार्थना पत्र में यह लिखा था कि मेरी पत्नी के भाई पेशेवर अपराधी हैं और चाचा तथा एक महिला के साथ मिलकर नजायज तरीके से हमसे धनउगाही करने के लिए तरह-तरह के आरोप लगाकर परेशान कर रहें है। उसी समय मोहन राठौर ने अपनी पत्नी के खिलाफ तलाक का मुकदमा परिवार न्यायालय में दाखिल किया था।