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गाजीपुर के युवाओं के लिये अप्रैल 2019 से पहले स्पेशल सेना भर्ती मेला का हो सकता है आयोजन: बंसल

परमवीर चक्र वीर अब्दुल हमीद की 53वीं शहादत दिवस में पहुंचे अमर सिंह।

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गाजीपुर. परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद का 53वां शहादत दिवस समारोह सोमवार को उनके पैतृक गांव दुल्लहपुर थाना इलाके के धामूपुर गांव में मनाया गया। कार्यक्रम में बतौर अतिथि 39 जीटीसी के ब्रिगेडियर एसएच बंसल और राज्यसभा सांसद अमर सिंह शामिल हुए। वीर अब्दुल हमीद 10 सितंबर 1965 को खेमकरण सेक्टर में पाकिस्तान से जंग लड़ते समय शहीद हो गए थे। इस मौके पर ब्रिगेडियर एसएच बंसल ने कहा कि 2019 में गाजीपुर के नौजवानों के लिए स्पेशल सेना भर्ती मेला का आयोजन किया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान दोनों अतिथियों ने शहीद को नमन कर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर शहीद की वीरांगना रसूलन बीबी से दोनों ने चरण छूकर आशीर्वाद लिया और फिर उनको अंग वस्त्र देकर सम्मानित भी किया।

बता दें कि साल 2017 में शहादत दिवस समारोह के दौरान जनरल विपिन रावत ने यहां के युवाओं के लिए आर्मी भर्ती मेला का तोहफा दिया था। वहीं इस बार ब्रिगेडियर एसएच बंसल ने मंच से ऐलान करते हुए कहा कि हम कोशिश करेगें कि अप्रैल 2019 से पहले यहां के युवाओं के लिए सेना भर्ती मेले का आयोजन किया जाए।

वहीं इस मौके पर अमर सिंह ने पूरे कार्यक्रम को राजनीतिक रंग दे दिया। अमर सिंह ने सपा सरकार के साथ- साथ कांग्रेस को भी निशाने पर लिया।

 

1965 की जंग में हुए थे अब्दुल हमीद हुए थे शहीद

शहीद वीर अब्दुल हमीद ने सेना में भर्ती के बाद पहला युद्ध चीन से लड़ा और जंगल में भटक कर कई दिनों तक भूखे रहकर किसी तरह घर आये थे जहां पत्ता तक खाना पड़ा था। फिर 1965 में पाकिस्तान वार से पहले 10 दिन के लिए छुट्टी पर आए थे, रेडियो से सूचना मिली तो हड़बड़ी में जंग के मैदान में जाने को बेताब हो गये, घर वाले मना करते रह गए, जाते वक्त कई अपशगुन हुए उनकी बेडिंग खुल गयी, साइकिल पंचर हो गयी लेकिन वह घर से निकल गये और लड़ाई के दौरान हथगोले से दुश्मनों के पैटनटैंक तोड़ डाला। इसी जंग में वह शहीद हो गये। शहीद वीर अब्दुल हमीद को मरणोपरांत भारत का सेना में सर्वोच्च सम्मान परमवीर चक्र दिया गया था।

 

BY- ALOK TRIPATHI