सपा के पूर्व राज्य मंत्री ने बिरहा गाकर बताया बेटियों का महत्व

Sarveshwari Mishra

Publish: Oct, 13 2017 12:44:28 (IST)

Ghazipur, Uttar Pradesh, India
सपा के पूर्व राज्य मंत्री ने बिरहा गाकर बताया बेटियों का महत्व

बिरहा के माध्यम से बताया कि कैसे करें बेटियों के आने वाले भविष्य में बदलाव

गाजीपुर. बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ के नारे पर गाजीपुर के यश भारती से सम्मानित और सपा सरकार में पूर्व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री ने बिरहा गाकर लोगों को बेटियों के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि बेटी है तो सब है। बेटी दो परिवार को आगे बढ़ाती हैं एक जहां वो पैदा होती हैं और एक जहां वो शादी करके जाती हैं। इसलिए पूरे संसार को आगे बढ़ाना है तो अपने बेटियों को आगे बढ़ाइए। सपा सरकार में पूर्व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री काशीनाथ यादव बिरहा के प्रसिद्ध गायक हैं। उन्होंने समाज को बेटियों को नहीं पढ़ाने के दंश और उससे होने वाली परेशानियों से अवगत कराया। वहीं गरीबी में पल रही बेटियों के बारे में व उनके दुख को बिरहा के माध्यम से सबके सामने रखा।

 

 

भारतीय संस्कृति में अलग-अलग क्षेत्रों की अलग-अलग लोक संस्कृति है और उन संस्कृतियों में अपनी- अपनी बात कहने के लिए अलग-अलग विधाएं भी हैं। उन्हीं विधाओं में से एक पूर्वांचल के क्षेत्रों में प्रचलित बिरहा लोकगायन है जिसे काफी संख्या में लोग पसंद भी करते हैं। इस लोक गायन के कलाकार समाज में फैली हुई बुराइयों को अपने गायन के माध्यम से लोगों के सामने रखकर आने वाले समय में उसमें सुधार की बातें भी करते रहते हैं। इसी तरह यश भारती से सम्मानित बिरहा कलाकार और सपा सरकार में पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री काशीनाथ यादव ने भी अपने गायन के माध्यम से समाज में लड़कियों और उनकी शिक्षा में कमी के चलते आने वाले समय में उनके जीवन में दुश्वारियों को गायन के माध्यम से प्रस्तुत किया। वहीं बेटियों के उज्जवल भविष्य की कामना की।

 

 

बतादें कि कार्यक्रम में स्थानीय लोगों के साथ-साथ भारी संख्या में कॉलेज के छात्र भी शामिल रहे। अपने कार्यक्रम के बाद काशीनाथ यादव ने बताया कि बेटियां एक नहीं बल्कि दो दो घरों को संभालती हैं इसलिए आज के समय में उन्हें शिक्षित होना बहुत ही जरुरी है। इसी को लेकर उनकी सरकार में अखिलेश यादव ने भी बेटियों को आगे बढ़ाने को लेकर बहुत सारी योजनाएं लाई थी उनकी बातों से यह साफ जाहिर था कि सरकार चाहे कोई भी हो बेटियों को स्वावलंबी बनाने के लिए अनेकों योजनाएं आनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील किया कि आज अगर बेटे के जन्म होने पर थाली बजती है तो बेटियों के जन्म लेने के समय भी इसी तरह की बातें होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बेटियां ही मां बाप के काम आती हैं।

 

इनपुट-गाजीपुर के आलोक त्रिपाठी की रिपोर्ट

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