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गाजीपुर अग्निकांड: मऊ के 5 लोग जिंदा जले, बस से कुदकर दुल्हन ने बचाई जान

गाजीपुर के महारे धाम में बड़ी दुर्घटना। मऊ के रानीपुर थानांतर्गत खिरिया गांव से गई थी बारात। खिरिया गांव के नंदू पासवान की बेटी की शादी में गए थे लोग माहरे धाम। बताया जा रहा कि बस पर कुल 40 लोग सवार थे।

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गाजीपुर अग्निकांड

गाजीपुर के मरदह क्षेत्र के महाहरधाम के पास बारात की एक मिनी बस में मिनी बस में 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार छूने से आग लग गई है। देखते ही देखते बस आग का गोला बन गई। आग इतनी भयावह थी कि कोई भी आग बुझाने के लिए बस के करीब जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका।

गाजीपुर के महारे धाम में बड़ी दुर्घटना। मऊ के रानीपुर थानांतर्गत खिरिया गांव से गई थी बारात। खिरिया गांव के नंदू पासवान की बेटी की शादी में गए थे लोग माहरे धाम। बताया जा रहा कि बस पर कुल 40 लोग सवार थे।

मऊ जिले के थाना रानीपुर के अंतर्गत खिरिया ग्राम सभा से नंदू सरोज की बेटी खुशबू की बारात गाजीपुर के माधवपुर के रहने वाले रामायन सरोज के बेटे तेज बहादुर सरोज से तय थी। यह शादी गाजीपुर मरदह ब्लॉक के प्रसिद्ध शिव मंदिर महारे में होनी थी, जहां पर दोनों पक्षों को एकत्रित होना था। इसी मंदिर में दोनों पक्ष की मौजूदगी में शादी होनी थी।

शादी के लिए नंदू सरोज अपनी बेटी खुशबू सरोज और अपने रिश्तेदारों समेत गाजीपुर के मरदह ब्लॉक स्थित मंदिर के लिए बस में सवार होकर निकले थे। मंदिर से कुछ दूरी पहुंचने के बाद बस के ड्राइवर ने शॉर्टकट के चक्कर में मुख्य रास्ते को छोड़कर नवनिर्मित रास्ते को पकड़ लिया जिस पर की आगे बिजली की हाई टेंशन तार बस के बराबर आ गई ड्राइवर ने बस को आड़े तिरछे निकालने के चक्कर में हाई टेंशन तार से टकरा दिया जिसमे की बस में आग लग गई और उसमें सवारो के झुलसने की जानकारी मिल रही है।
वही गांव वालों और प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बस जब पगडंडी पर उतरी थी तब कुछ लोग उतर गए थे जिसके कारण उनकी जान बच गई।

वही दुल्हन खुशबू की सहेली ममता सरोज का कहना है कि वह भी उसे बारात में जाने वाली थी खुशबू उसके साथ कक्षा चार से पढ़ रही थी इस साल उसने इंटरमीडिएट फाइनल का एग्जाम दिया था और खुशबू ने उसे शादी में चलने के लिए आखिरी समय तक जिद किया था लेकिन ममता सरोज ने आगे बताया कि भाई ने आखरी समय में उसे खुशबू की शादी में जाने से मन कर दिया जिससे वह अपनी सहेली के साथ शादी में नहीं जा पाई वह अपने भाई के मना करने को खुशकिस्मती मानती है की उसके मन करने के कारण उसकी जान बच गई।

गांव के रहने वाले लड़की के पिता नंदू सरोज के मित्र राजकुमार खरवार का कहना है कि वह नंदू के पुराने जिगरी यार है और उसे बचपन से जानते हैं उन्हें जानकारी मिली है कि बस किसी हाई टेंशन तार से टकरा गई और बस में आग लग गई है कितने हताहत है इसकी अभी उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली है इस घटना को लेकर पूरे गांव में मातम पसर गया है।

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