पने रक्षकों पर ही भरोसा नहीं करेंगे तो आखिर हमारी रक्षा के लिए आगे आयेगा कौन?
गाजीपुर. शनिवार का दिन यूपी को शर्मसार करने वाला रहा। एक महीने में ही यूपी पुलिस के दो जवानों की भीड़ ने जिस बेरहमी से हत्या की है। उससे अब सवाल उठने लगा है कि हम जब अपने रक्षकों पर ही भरोसा नहीं करेंगे तो आखिर हमारी रक्षा के लिए आगे आयेगा कौन?
जी हां गाजीपुर के नोनहरा थाने के कठवा मोड़ चौकी के पास आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे निषाद समाज के लोगों को पुलिसकर्मियों की टीम समझाने गई थी। लेकिन हैरानी कि बात ही भीड़ किसी बात को समझने के बजाय हिंसक हो गई। सुरक्षाकर्मियों पर भारी तादात में लोगों ने पथराव कर दिया। इस हमले में चार पुलिस कर्मियों को चोटें आईं। जिसमें प्रतापगढ़ जिले के रानीगंज इलाके के रहने वाले सुरेश वत्स की मौत हो गई। जबकि तीन अन्य पुलिस के जवानों को काफी चोटें आईं हैं।
घटना के बाज जहां जोन वरिष्ठ पुलिस अधिकारी गाजीपुर पहुंचकर मामले पर गंभीरता दिखाई है तो वहीं इस घटना को लेकर लोगों में काफी नाराजगी भी है। एक महीने के भीतर ही पहले बुलंदशहर में दरोगा सुबोध सिंह की भीड़ द्ववारा हत्या फिर गाजीपुर में सिपाही सुरेश वत्स की हत्या ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर हमारा समाज किस दिशा में आगे बढ़ रहा है। हमारी रक्षा के लिए जिन सुरक्षाकर्मियों की तैनाती होती है अगर वही भय के साए में होंगे तो हमारी रक्षा का जिम्मा कौन उठाएगा।
इस घटनाक्रम को लेकर पत्रिका से बातचीत में पूर्व एडीजी छत्तीसगढ़ वजीर अंसारी ने कहा कि ये हैरान करने वाला वाकया हो रहा है। जनता को ये सोचना होगा कि आखिर वो अपने ही रक्षकों के दुश्मन क्यूं बन रहे हैं। उन्होने कहा कि किसी भी भीड़ की अगुवाई करने वाले को ये तय करना होगा कि आखिर ऐसी हिंसा से हमें किया मिलने वाला है। पूर्व एडीजी ने कहा कि अगर पुलिस खुद असुरक्षित रहेगी तो वो हमारी रक्षा कैसे कर पायेगी। इस बिगड़ते माहौल को सुधारने की बहुत जरूरत है। नहीं तो ऐसे ताकतवर लोग गरीबों को खत्म करते जाएंगे पुलिस डर के साये में रहकर हमारी रक्षा करने भी नहीं पहुंच पाएगी और वह स्थिति बहुत भयावह होगी। इसलिए हम सब को जागरूक रहने की जरूरत है।