गाजीपुर. कहते हैं कि पुत के पांव पालने में ही दिखते है, इस कहावत को जनपद के एक पोट्रेट कलाकार ने सिद्ध किया है। उसने अपने कला के दम पर अपना नाम लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज करा कर जनपद का ही नहीं बल्कि उस मां का भी सम्मान बढ़ाया जिस मां ने खाना बनाते समय एक पेंसिल और नोटबुक देकर अपने पास से दूर करने के लिए ऑर्ट बनाने की सलाह दी थी। पहले वह सलाह कुछ देर में चींटी की चित्र के रूप में आई और फिर यह कारवां यहीं नहीं रूका बल्कि लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड तक पहुंच गया और अब वर्ल्ड ऑफ गिनीज बुक के लिए अपने हौसले की कदम को आगे बढ़ा दिया है।य़