Suryakumar yadav: बचपन में सूर्यकुमार यादव की क्रिकेट और बैडमिंटन में समान रुचि थी। लेकिन जब पिता ने एक रास्ता चुनने को कहा तो उन्होंने क्रिकेट को चुना। उनके चाचा विनोद यादव उनके पहले कोच बने।
Suryakumar yadav: मंगलवार की रात वानखेडे स्टेडिमय में हुए RCB vs MI की मैच में सूर्यकुमार यादव का जो नजारा देखने को मिला है। इसके मुरीद विराट कोहली भी हो गए। पहली पारी में RCB यानी रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने पहले बैटिंग करते हुए 199 रन बनाए थे।
विराट कोहली ने सूर्यकुमार यादव को गले लगाया
टारगेट का पीछा करते हुए मुंबई ने पावरप्ले में ही अपने दोनों ओपनर के विकेट गंवा दिए। इसके बाद सूर्या ने 35 गेंद पर 7 चौके और 6 छक्के मारकर 83 रन की तूफानी पारी खेली। टीम को 16.3 ओवर में ही जीत दिला दी। इसके बाद विराट कोहली ने सूर्यकुमार यादव को गले लगाया और जीत की बधाई दी।
सूर्यकुमार की बचपन की फोटो हो रही वायरल
गाजीपुर के सूर्यकुमार के इस गजब कारनामें से सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड कर रहे हैं। इसी बीच सूर्यकुमार की बचपन की फोटो भी वायरल हो रही है। फोटो देखने से लग रहा है, सूर्यकुमार उस समय 6 या 7 साल के रहे होंगे। यूजर्स उनके इस फोटो पर क्यूट लिखकर रियेक्ट कर रहे हैं।
साथ ही सूर्या की शादी वाली तस्वीर भी ट्विटर पर वायरल हो रही है। सूर्यकुमार यादव की शादी देविशा शेट्टी के साथ हुई है। देविशा एक नृत्यांगना है। दोनों की पहली मुलाकात 2012 में आर.ए. पोदार कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स, मुंबई में हुई थी। जिसके बाद 7 जुलाई 2016 को दोनों ने मुंबई में शादी कर ली।
आज भी उनके परिवार के लोग इसी गांव में रहते हैं
सूर्यकुमार मूल रूप से गाजीपुर के रहने वाले हैं। उनका गांव हथौड़ा है, जो कि सैदपुर तहसील के अंतर्गत आता है। आज भी उनके परिवार के लोग इसी गांव में रहते हैं। वहीं उनके दादाजी विक्रमा यादव सीआरपीएफ में इंस्पेक्टर थे। उनके पिता अशोक कुमार यादव, मुंबई में भाभा अटानमिक रिसर्च सेंटर में इंजीनियर थे, नौकरी में तबादले के बाद उनके पिता वाराणसी से मुंबई चले आए।
पिता के मुंबई चले जाने के कारण सूर्यकुमार की पढ़ाई-लिखाई भी मुंबई से हुई। वहीं पर केंद्रीय विद्यालय में प्रारंभिक शिक्षा हुई। इसके बाद पिल्लई कॉलेज ऑफ आटर्स, कॉमर्स एंड साइंस से उन्होंने बीकॉम किया। सूर्या ने जब क्रिकेट सीखना शुरू किया, तो उनके शुरूआती कोच उनके चाचा विनोद यादव रहे। बाद में उन्होंने दूसरे कोचों से क्रिकेट की बारीकियां सीखीं। साथ ही ईएलएफ वेंगसरकर अकादमी से ट्रेनिंग ले चुके हैं।