गाजीपुर. जहूराबाद विधानसभा पर यूं तो फिलहाल सपा का कब्जा है। यहां की विधायक सैय्यदा शादाब फातिमा महिला कल्याण राज्य मंत्री भी हैं। पर इस बार जातिगत समीकरण ऐसे उलझे हैं कि समाजवादी पार्टी की राह आसान नहीं दिख रही। यहां बड़ी तादाद राजभर और मौर्य वोटों की है। राजभर वोटों पर ओम प्रकाश राजभर जबकि कुशवाहा वोटों पर स्वामी प्रसाद मौर्य की पकड़ बतायी जाती है। यह आंकड़ा सपा के लिये इस बार परेशानी का सबब बनता दिख रहा है।
ओम प्रकाश राजभर की पार्टी भारतीय समाज पार्टी अब तक मोख्तार अंसारी की कौमी एकता दल के साथ थी। पर अब यह भाजपा के साथ है और स्वामि प्रसाद मौर्य भी बसपा का दामन छोड़ भाजपा क रथ पर सवार हो चुके हैं। उन्होंने पूरे प्रदेश में मौर्य वोटों को भाजपा के पक्ष में लामबन्द करना शुरू कर दिया है। उनकी यह कोशिश जहूराबाद विधानसभा में भी चल रही है। मौर्य, राजभर, वैश्य वोटों के साथ क्षत्रिय वोटों को भी बीजेपी अपने साथ ही जोड़कर बता रही है। यदि यह सच हुआ तो सपा-बसपा को नुकसान तय है। हालांकि सपा यहां विकास का दावा कर रही है। सड़कें तो क्षेत्र में बनी हैं पर दो साल के अंदर पुल का टूट जाना विकास के दावे की पोल भी खोल रहा है।
गाजीपुर की जहुराबाद विधानसभा जहां पर 2002 और 2007 मे बसपा का कब्जा था वही 2012 के चुनाव मे यहां से समाजवादी पार्टी की सैयद शादाब फातिमा अपनी किस्मत अजमायी और जीत हासिल की।
विधायक की उपलब्धि
1- बिरनो राजवाहा से गांधीनगर तक 24 किमी नहर पर सीसी लाईनिंग
2- रामगढ पम्प कैनाल के लिए एक करोड की स्वीकृति
3- कासिमाबाद-कठवामोड मार्ग के लिये 35 करोड रुपये
4- कासिमाबाद तहसील
5- छह छोटी पुलिया
8- पुर्वांचल निधि से 20 सड़कों के साथ ही दूसरे अन्य काम
ये समस्याएं बनेंगी चुनावी मुद्दा
1- मंगई नदी पर बना पुल दो साल के अंदर टूट गया
2- बिजली कटौती की समस्या
3- सड़कों की गुण्वत्ता को लेकर नाराजगी
4- विधायक का क्षेत्र में न रहना
5- लॉ एण्ड ऑर्डर की समस्या
राही मासूम रजा का गांव है बदहाल
राही मासुम रजा का गांव गंगौली भी है और खुद विधायक उन्हीं के परिवार से ताल्लुक रखती हैं। बावजुद इसके राही मासूम रजा के नाम को अगली पीढ़ी के लिए जीवीत करने के लिए उनके नाम पर कोई काम नहीं किया। आज भी उनके गांव मे खटर-पटर की आवाज वाले ताने चलते हैं जो बिजली की असमय कटौती से प्रभावित है।
जातिगत आंकड़ों में जहूराबाद विधानसभा
1- कुल वोटरों की सख्या तीन लाख 77 हजार 379
2- दलित वोटरों की संख्या 75 हजार 490
3- राजभर वोटरों की संख्या 66 हजार 328
4- यादव वोटरों की संख्या 43 हजार 840
5- चैहान वोटरों की संख्या 33 हजार 997
6- मुस्लिम वोटरों की संख्या 27 हजार 637
7- क्षत्रिय वोटरों की संख्या 22 हजार 876
8- वैश्य वोटरों की संख्या 15 हजार 467
9- ब्राह्मण वोटरों की संख्या 14 हजार 891
10- बिंद वोटरों की संख्या 14 हजार 578
11- भूमिहार वोटरों की संख्या 11 हजार 939
12- कुशवाहा वोटरों की संख्या 10 हजार 665
13- पटेल, धोबी, मुसहर, धोबी, पासी, प्रजापति, नाई, पाल, चैरसिया, कायस्थ, विश्वकर्मा, मल्लाह की संख्या 40 हजार 169