गिरिडीह। झारखंड में सालों से बंद पड़ी कई खदानों को वापस खोला जाएगा। इसी निर्णय के साथ बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में इसके साथ ही कुल 31 निर्णयों पर मुहर लगी। इसके लिये लीजकर्ता को विभाग के समक्ष खनन से संबंधित क्लियरेंस दिखाना पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार राज्य में खनन पट्टे बीते कई सालों से लीज नवीनीकरण के लिए लंबित थे। इनमें लौह अयस्क की लंबित खदानों की संख्या 21 थी। इसके अलावा ग्रेफाइट, बॉक्साइट सहित 105 माइंस ऐसी थीं जिनमें खनन कार्य रुका हुआ था। अब यह सब शुरू हो सकेगा। विभागीय सचिव सुनील कुमार वर्णवाल ने बताया कि खनन कार्य के लिये पुरानी लीज का एक्सटेंशन किया जायेगा। इसके साथ ही खास महाल भूमि की लीज बंदोबस्ती और लीज नवीनीकरण का भी कैबिनेट ने फैसला किया है।
फिलहाल 10 हजार 276 में 1478 लोगों ने ही लीज नवीनीकरण कराया है। दूसरे राज्यों की तर्ज पर खानों की बंदोबस्ती और नवीनीकरण किया गया है। वहीं राजधानी के दो फ्लाईओवर (राजभवन से हरमू नदी के लिये और कांटा टोली के लिये) बनाने के लिये अलग-अलग टेंडर होगी। कैबिनेट ने इस पर अपनी सहमति दी।
इसके साथ ही नक्सल प्रभावित सभी क्षेत्रों में मौजूद बीएसएनएल के टावरों के सहारे राज्य सरकार वाई-फाई की सुविधा देगी, जिसके लिये ग्रामीण सहित अन्य लोगों को कंपनी की दर के हिसाब से ही नेट सर्फिंग का चार्ज देने होगा। इस कार्य के लिये 53 करोड़ 95 लाख रुपये खर्च होंगे। इसके साथ ही अन्य प्रस्तावों पर भी सहमति मिली।