
(गिरिडीह): झारखंड के गिरिडीह जिले के नगर थाना क्षेत्र में एक युवक ने अपने पिता के शव को करीब छह महीने तक अपने घर में छिपाये रख कर तंत्र-मंत्र के सहारे उसे जीवित करने की कोशिश करता रहा। युवक को उम्मीद थी कि तंत्र-मंत्र के अनुष्ठान से उसके पिता जीवित हो उठेंगे। युवक की मां और दो बहनों ने भी इतने दिनों तक चुप्पी साध रखी थी, लेकिन पड़ोसियों की सूचना पर शनिवार को पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मृतक के मानसिक रूप से विक्षिप्त पुत्र को हिरासत में ले लिया है।
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार 75वर्षीय विश्वनाथ प्रसाद लगातार बीमार चल रहे थे और मई महीने में ही उनकी मौत हो गई। लेकिन पुत्र प्रशांत कुमार सिन्हा ने अपने पिता की मौत होने के बाद शव को जलाने की जगह अपने घर के एक कमरे में ही रख लिया और केमिकल और बर्फ के सहारे शव को रखकर प्रतिदिन घर में अनुष्ठान-हवन कर मंत्र से जीवित करने का प्रयास करता था।
घर से धुआं उठने पर पड़ोसियों से जब परिजनों से जानकारी मांगी जाती, तो वे स्पष्ट रूप से कुछ भी जानकारी नहीं देते थी। हिरासत में आने के बाद भी पुत्र प्रशांत ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि यदि वह शव को जला देता, तो उसके पिता के पुनर्जीवित होने की सभी संभावना खत्म हो जाती। बताया गया है कि इस मामले का खुलसा शनिवार की शाम को तब हुआ जब प्रशांत अपनी मां और बहन की पिटाई करने लगा।प्रशांत द्वारा मां-बहन को पीटता देख पड़ोसी जुटे तो लोगों को जानकारी मिली कि प्रशांत के पिता की मौत छह माह पूर्व हो चुकी है और शव घर के अंदर ही है।
इसकी सूचना नगर पुलिस को दी गई तो पुलिस ने बेटे को हिरासत में ले लिया। इस मामले पर प्रशांत की मां और बहन ममता कुमारी ने बताया कि उसका भाई कहता था कि दिवंगत विश्व्नाथ जीवित हो जाएंगे और अपने पुत्र-भाई की डर के कारण इतने दिनों तक चुप्पी साध रखी थी, लेकिन आज उनकी ओर से शव को जलाने की अपील की गयी,तो भाई ने बहनों को पिटाई शुरू कर दी, इसी से मामले का खुलासा हुआ।
Published on:
24 Nov 2018 09:11 pm
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