
गन्ने के साथ आलू की बुवाई करते किसान अनिल पांडे
गोंडा जनपद के विकास खंड रुपईडीह की ग्राम पंचायत सहजनवा निवासी अनिल चंद्र पांडे विगत करीब एक दशक से सहफसली की खेती कर जहां बेहतर मुनाफा कमा रहे हैं । वहीं क्षेत्र ही नहीं बल्कि जनपद के कोने-कोने से खेती किसानी में कुछ नया करने का सपना संजोए किसान इनसे खेती किसानी के गुरु सीखने आते हैं । इनकी प्रेरणा से अब तमाम किसान सह फसली की खेती कर मालामाल हो रहे हैं
पिता से मिली वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की प्रेरणा
अनिल पांडे बताते हैं कि वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की प्रेरणा उन्हें पिता से मिली। खेती में तकनीकी गुर सीखने के लिए उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र नैनीताल, फैजाबाद, सहित विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों पर जाकर वहां के वैज्ञानिकों से राय मशविरा कर आज से लगभग 10 वर्ष पूर्व से सहफसली की खेती शुरू किया। इसके अतिरिक्त कृषि विभाग द्वारा आयोजित कृषि मेले में जाकर वह तमाम तकनीकी ज्ञान अब भी प्राप्त करते रहते हैं। जिससे उन्हें उन्नतशील खेती करने की जानकारी मिलती है।
वर्ष 1987 में हाई स्कूल की परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान से टूल एंड डाई मेकर ट्रेड में आईटीआई की इसके बाद पढ़ाई छोड़ खेती किसानी में कुछ नया करने का सपना सजोए पांडे ने वर्ष 2010 में खेती को अपने जीवन यापन का जरिया बनाया।
सहफसली की खेती देती है दोहरा मुनाफा
प्रगतिशील किसान अनिल पांडे बताते हैं कि वर्तमान समय में हमने एक हेक्टर खेत में आलू व गन्ने की फसल की बुवाई का काम चल रहा है। इस बार बरसात अधिक होने के कारण खेतों में नमी के कारण बुवाई थोड़ा लेट से चल रही है।उनका कहना है कि जब हम ट्रेंच विधि से गन्ने की बुवाई करते हैं। तो गन्ने का उत्पादन बेहतर होता है । लेकिन उसके बीच में खाली पड़ी जमीन पर हम आलू टमाटर गोभी लहसुन प्याज की खेती कर अतिरिक्त मुनाफा कमाते हैं ।
एक हेक्टर में सह फसली की खेती कर कमाया 12 लाख
गत वर्ष एक हेक्टर खेत में गन्ना व आलू के सहफसली खेती करके 420 कुंतल आलू तथा 15 सौ कुंतल गन्ने का उत्पादन हुआ। जिससे करीब 12 लाख रुपए प्राप्त हुए । अनिल पांडे बताते हैं कि इसमें करीब 8 लाख शुद्ध लाभ मिला।
कृषि उपनिदेशक बोले
उपनिदेशक कृषि प्रेम कुमार ठाकुर ने बताया कि अनिल पांडे जनपद के प्रगतिशील किसान हैं। कृषि गोष्ठी व मेले में विभाग इन्हें विशेष रूप से आमंत्रित करता है। ताकि इनके अनुभव का लाभ अन्य किसानों को भी मिल सके। इसके लिए विभाग द्वारा इन्हें कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है।
Published on:
29 Nov 2022 06:39 pm
बड़ी खबरें
View Allगोंडा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
