
कैलाश वर्मा
गोण्डा. देवीपाटन मंडल मुख्यालय की सड़कों पर हवा चलने और आंधी चलने से धूल नहीं उड़ती, बल्कि वाहनों के आवागमन से धूल उड़ती है। ऐसी बात नहीं है कि ये सड़कें मिटटी की हों, यह मुख्यालय की पक्की डामर की सड़क हैं, वह भी गड्ढे में। धूल उड़ने से सड़क के दोनों पटरियों के दुकानदार, आवासीय लोग व सड़क पर पैदल एवं बाइक से चलने वाले लोग 10 कदम चलने के बाद धूल से नहा जाते हैं। लखनऊ से बलरामपुर जाने के मुख्य मार्ग का एकमात्र यही रास्ता है, अन्य कोई विकल्प नहीं है। राहगीरों और बाइक चालकों का कहना है कि धूल उड़ने से बुरा हाल है। पूरी सड़क गड्ढे में तब्दील है। डॉक्टरों का कहना है कि ये धूल सांस और अस्थमा जैसी बीमारियों को दावत दे रही है।
ये गोण्डा बलरामपुर और बलरामपुर लखनऊ सड़क है, जो देवीपाटन मंडल मुख्यालय की मुख्य सड़क है। इसे स्टेशन रोड भी कहते हैं। अधिकांश सड़के गड्ढे में है, जिसे 15 जुलाई तक भरे जाने की बात कही गयी थी, जो भरी नहीं जा सकी है। वाहनों के आवागमन से ईंट और सड़क की छर्री दबकर धूल बन गयी है, जिससे वाहनों के आवागमन पर यहां रेगिस्तान जैसा नजारा बन जाता है। सड़कों के आसपास के निवासी दुकानदार थोक में सांस रोगी बनने के मुहाने पर खड़े हैं।
डीएम ने लिया एक्शन
डीएम जेबी सिंह ने नगर क्षेत्र की खराब सड़कों व धूल धक्कड़ के कारण आम जनता को हो रही परेशानियों का स्वतः संज्ञान लेते हुए नगर के अम्बेडकर चैराहे से लेकर बलरामपुर रोड तक बनने वाली सीमेन्टेड फोरलेन रोड का निर्माण कार्य 31 दिसम्बर तक हर हाल में पूर्ण कराने के निर्देश हैं। यह निर्देश डीएम ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान जिम्मेदार अधिकारियों व कार्यदायी संस्था को दिए।
डीएम ने दिए निर्देश, ताकि न उड़े धूल
जिलाधिकारी जेबी सिंह का कहना है कि सड़क निर्माण करने वालों की बैठक बुलायी गयी है, उन्हें र्निदेश दिया जायेगा कि पहले नगर की सड़क का शीघ्र निर्माण करें। उन्होंने नगर पार्षद को निर्देशित करते हुए कहा है कि जब तक सड़क का निर्माण न हो जाये, टैंकर से पानी सड़क पर डालें, जिससे धूल न उड़े।
लोंगों के स्वास्थ्य से न हो खिलवाड़
बैठक में सड़क निर्माण कार्य हेतु विद्युत पोल शिफ्टिंग कार्य भी धीमी गति से होने पर डीएम ने एक्सईएन पीडब्लूडी प्रान्तीय खण्ड को निर्देश दिए कि तय समय सीमा के भीतर विद्युत पोलों को शिफ्ट कराएं। अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को निर्देश दिए हैं कि रोड के किनारे बिछाई गई पेयजल लाइनों को भी शिफ्ट कराने का काम तत्काल प्रारम्भ कराएं, जिससे सड़क निर्माण में अवरोध न आने पावे। इसके अलावा ईओ नगर पालिका को यह भी निर्देश दिए हैं कि जिन स्थानों पर सड़क ज्यादा खराब हो गई और धूल की समस्या है, वहां पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराएं, जिससे राहगीरों को परेशानी न हो।
डीएम का सख्त निर्देश, काम करें या कार्यवाही के लिए तैयार रहें
बैठक में डीएम ने शहरी क्षेत्र की अम्बेडकर चौराहे से लेकर बलरामपुर रोड तक बनने वाली लगभग साढ़े तीन किलोमीटर लम्बी फोरलेन सीमेन्टेड सड़क के निर्माण कार्य की धीमी प्रगति व धूल धक्कड़ की समस्या का स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्यदायी संस्था एचडीपीएल व लोक निर्माण विभाग प्रान्तीय खण्ड के अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है। डीएम ने कहा कि नगर क्षेत्र की गोण्डा बलरामपुर रोड बुरी तरह गढडायुक्त हो गई है, जिससे राहगीरों का सड़क पर चलना मुश्किल हो रहा है। इसके साथ ही सड़क पर धूल धक्कड़ अधिक हो गई है जिससे प्रदूषण के साथ-साथ लोग बीमारियों से भी ग्रसित हो रहे हैं। इसलिए सड़क निर्माण कार्य में तत्काल युद्धस्तर पर तेजी लाते हुए निर्माण कार्य दिसम्बर अन्त तक हर हाल में पूरा करा दें, अन्यथा कार्यवाही के लिए तैयार रहें।
...तो इसी रास्ते पर दम तोड़ देगा मरीज
जिला अस्पताल से जयनारायन चौराहे तक जगह-जगह गड्ढे हैं। सड़क का बुरा हाल हो गया है, जिसके चलते सैकड़ों वाहनों का जाम पलक झपकते लग जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये ऐसी सड़क है कि यदि किसी महिला को अस्पताल ले जाना हो तो बच्चा वाहन में ही पैदा हो जाता है। यदि कोई गंभीर मरीज को अस्पताल ले जाना हो तो वह रास्ते में दम तोड़ देता है।
सांस व अस्थमा की बीमारी को न्यौता
क्षयरोग विशेषज्ञ डॉक्टर केके उपाध्याय का कहना है कि यह धूल सांस के साथ फेफड़ों पर जम होकर सांस व अस्थमा जैसे बीमारी को दावत दे रही है। इससे त्वचा रोग भी होता है। धूल से बचने के लिये मुह पर रुमाल व साफ़ कपड़े बांधने का प्रयोग करें। पूरा शरीर ढक कर रखें।
Updated on:
11 Nov 2017 10:42 am
Published on:
11 Nov 2017 09:30 am
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