Gonda : यूपी के गोंडा जिले में सरयू और घाघरा नदी बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद उफान पर हैं। सरयू नदी अब कुछ जगह तटबंधों से टकराने लगी है। पिछले साल भी सरयू नदी के तटबंधों से टकराने के बाद कटान तेज होने से ढेमवा घाट से अयोध्या लखनऊ हाईवे को जोड़ने वाली 600 मीटर सड़क नदी की धारा में समा गई थी। बंधे से टकराने के बाद ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ गई है।
नेपाल के पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश के कारण बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने के बाद सरयू और घाघरा नदी उफान पर है। नदी अब खतरे के निशान से महज 75 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। जिससे नदी के आसपास के ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ गई है। प्रशासन भी पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। तटबंधों की निगरानी अब सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से की जा रही है।
घाघरा और सरयू नदी के उफान पर पहुंचने से जहां आसपास के ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ गई है। वही ग्रामीणों का पलायन भी शुरू हो गया है। नदी के आसपास गांव के ग्रामीण अब सुरक्षित ठिकानों की तरफ पलायन कर रहे हैं। तरबगंज में पानी के फैलाव से गावों में बाढ़ जैसी स्थिति है। तो करनैलगंज में तटबंधों से नदी टकरा रही है। जिससे तटबंधों को खतरा बढ़ गया है। शुक्रवार की सुबह गिरजा बैराज से 123073 और शारदा बैराज से 126629 क्यूसेक तथा सरयू बैराज से 1377 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिसका असर शनिवार को दिखाई पड़ेगा। शनिवार को यह पानी एल्गिन ब्रिज पर पहुंचने से घाघरा के खतरे के निशान से और करीब पहुंचने की उम्मीद है। एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान 106.07 की तुलना में शुक्रवार की सुबह घाघरा का जलस्तर 105.326 पर पहुंच गया है।फिलहाल अभी नदी और बांध के बीच के हिस्से की जमीन को जबरदस्त तरीके से कटान करते हुए नदी बांध की तरफ बढ़ रही है। चंदापुर किटोली के पास नदी बांध से टकरा रही है। दो वर्ष पूर्व इसी तरह पानी के टकराव से बांध में कटान शुरू हुई थी। तब बड़ी जद्दोजहद के बाद बांध को बचाया जा सका था। अवर अभियंता रवि वर्मा बताते हैं कि बांध की सुरक्षा की जा रही है, किसी प्रकार का कोई खतरा अभी नहीं है।
बाढ़ की स्थिति पर शासन और प्रशासन की नजर
बाढ़ की स्थिति पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी नजर है। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह बुधवार को जिले के दौरे पर आए थे। उन्होंने ऐली परसौली में बाढ़ की स्थिति भी परखी थी। माना जा रहा है कि इसके बाद ही मुख्यमंत्री के आने के संकेत मिले हैं। 15 जुलाई को वह बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर सकते हैं। इसके लिए जिला प्रशासन भी हरकत में है। जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने ऐली परसौली पहुंचकर हेलीपैड और मुख्यमंत्री के आगमन स्थल का निरीक्षण किया। इस बीच सिंचाई एवं बाढ़ कार्य खंड के अधिकारी भी ऐली परसौली के साथ ही तटबंध के अन्य स्थानों को दुरुस्त करने में जुटे हैं।
सीसीटीवी और ड्रोन से हो रही निगरानी
एसडीएम कर्नलगंज ने नकहारा, गौरा सिंहपुर, काशीपुर एवं चंदापुर किटोली गांव का दौरा किया। उन्होंने बताया कि जरूरत होने पर सभी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ बाढ़ खंड के अधिकारियों को लगातार बांध पर कांबिंग करने और जहां नदी बांध से सटकर बह रही है, वहां विशेष तौर पर सीसीटीवी कैमरे के साथ ड्रोन कैमरे से रखवाली करने के निर्देश दिए।
नवाबगंज क्षेत्र के गांव में पानी का हो रहा फैलाव
नवाबगंज क्षेत्र के गांवों में लगातार पानी का फैलाव हो रहा है। करीब एक दर्जन गांवों की ओर तेजी से पानी बढ़ रहा है। साकीपुर में स्थिति ज्यादा गंभीर है। यहां खेतों की कटान शुरू हो गई है। तरबगंज के ब्यौंदा माझा में भी पानी पहुंच गया है। इसी तरह तुलसीपुर, दुर्गागंज, जैतपुर आदि गांवों की ओर बाढ़ का पानी पहुंच रहा है। बैराजों से लगातार पानी छोड़े जाने से नदी में उफान है।