
Gobar Dhan Yojana
गोबर धन योजना केंद्र सरकार की एक अति महत्वकांक्षी योजना है। किसानो से उनके पशुओ का गोबर और खेतो के पुवाल को खरीदकर बायोगैस में बदला जायेगा। गोबर और पुआल की किसानों से ऑनलाइन खरीदारी होगी। इसके लिए उन्हें संबंधित पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोबर व पुआल खरीदने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म विकसित करने के निर्देश दिए हैं।
48 लाख से दो बायोगैस प्लांट होंगे स्थापित
गोंडा में 48 लाख की लागत से दो बायोगैस प्लांट स्थापित किए जाएंगे। यह प्लांट जिले की बिरवा बभनी और मुजेहना ब्लॉक की गांव पंचायत रूद्रगढ़ नौसी में स्थापित किए जाएंगे। एक प्लांट की लागत 24 लाख रुपए आएगी। जिले के रूद्रगढ़ नौसी में उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी गौशाला बनाई गई थी। यहां पर प्लांट स्थापित कर गौशाला के गोबर का उपयोग किया जाएगा। इसके अतिरिक्त आवश्यकता पड़ने पर किसानों से गोबर और पुआल भी खरीदा जाएगा।
बायोगैस प्लांट लगाने के लिए संस्था हुई नामित
जिले के दो स्थानों पर बायोगैस प्लांट लगाने के लिए डीएम ने संस्था नामित कर दिया है। जिलाधिकारी उज्जवल कुमार ने बताया की योजना पर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। यह बायोगैस प्लांट स्वच्छ भारत मिशन योजना से लगाया जाएगा। इसके लिए आनंद बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रत्येक गौशाला में 45 घन मीटर का प्लांट होगा स्थापित
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरुआती दौर में जिले की दो गौशाला में प्लांट स्थापित किया जाएगा। यह प्लांट 45 घन मीटर का प्लांट बनेगा। इससे बिजली के साथ सीएनजी गैस भी बनेगी। प्लांट स्थापित करने वाली संस्था एक साल तक कार्य को देखेगी। प्लांट की देखरेख के लिए स्वयं सहायता समूह को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। एक साल के बाद संयंत्र चलाने की जिम्मेदारी भी स्वयं सहायता समूह की होगी।
प्लांट से तैयार बिजली का उपयोग गौशाला में होगा
बायोगैस प्लांट से तैयार बिजली का उपयोग गौशाला में किया जाएगा। वहां मोटर, चारा काटने की मशीन, बल्व, गोशाला में रहने वाले खाना बनाने में प्रयोग करेंगे। इसके अलावा जरूरत पड़ी तो पास के गांवों के लोग और सरकारी स्कूलों को सुविधा मिलेगी। इसके अलावा जैविक खाद भी बनेगा, जिसे बेचा जा सकेगा। जिलाधिकारी ने संस्था के प्रतिनिधि को सर्वे कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
पुवाल और गोबर की खरीद के लिए विकसित होगा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म
किसानों से फसल का अवशेष और गोबर खरीदा जाएगा। इसकी खरीदारी के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्लेटफार्म विकसित होने के बाद किसानों को इससे जोड़ा जाएगा।
गोबर धन योजना के दो उद्देश्य
केंद्र सरकार की इस योजना के पीछे दो उद्देश्य हैं। किसानों से गोबर और फसल अवशेष खरीद कर उनकी आय बढ़ाया जाएगा। इसमें फसल के अवशेष खरीदने के लिए गांव में एक टीम तैयार की जाएगी।
देश भर में 15 लाख लोगों को मिलेंगे रोजगार
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन के एक अध्ययन में पाया गया है। गोबर का प्रोडक्ट तरीके से उपयोग कर बिजली गैस और खाद बनाई जायेगी जिससे 15 लाख लोगो को देश अस्तर पर रोजगार मिलेगा।
Published on:
01 Jan 2023 09:14 pm

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