नगर कोतवाली के पास एक युवक ने बैंक से कर्ज न मिलने पर नाराज होकर आत्मदाह का प्रयास किया है। डॉक्टर के मुताबिक युवक 90 प्रतिशत जल गया है। जानते हैं युवक ने ऐसा कदम क्यों उठाया।
गोण्डा जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र में स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्यशाखा कें सामने व्यापार ऋण न मिलने से नाराज युवक नें बुधवार को बीच सड़क पर बैंक के सामने डीजल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। इसी दौरान आग बुझाते समय उसका साथी भी बुरी तरह झुलस गया। दोनों को अस्पताल ले जाया गया। जहां पर आत्मदाह करने वाले युवक लखनऊ रेफर कर दिया गया है। जबकि दूसरे युवक का इलाज जारी है।
यूपी के गोंडा जिले में उसे समय हड़कंप मच गया। जब नगर कोतवाली के पास एसबीआई बैंक के ठीक सामने एक युवक ने कोई ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा लिया। युवक जब जलने लगा तो उसके गांव के एक युवक ने उसे बचाने का पूरा प्रयास किया। इस दौरान उसके दोनों हाथ जल गए। वह भी काफी जख्मी हो गया। आनंन फानन में गंभीर रुप से जले युवक को जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती कराया गया है। जहां पर उसका इलाज चल रहा है। उसे बचाने के प्रयास में उसके गांव का एक अन्य युवक भी जख्मी हो गया है। अपर जिलाधिकारी सुरेश कुमार सोनी नें बताया क़ि इटियाथोक थानाक्षेत्र के सरहरा पाण्डेयपुरवा का रहने वाले युवक दिव्यराज पाण्डेय(25) नें एसबीआई बैंक से व्यापार के लिये ऋण मांगा था। जिस पर बैंक ने लोन न दिये जाने से नाराज होकर उसने स्टेशनरोड स्थित बैंक की मुख्य शाखा के ठीक सामने एक पत्र और कागजात उड़ाकर अचानक ज्वलनशील पदार्थ डालकर स्वयं आग लगा ली। घटना के दौरान उसे बचाने के चक्कर में उसका साथी प्रदीप पाण्डेय बुरी तरह झुलस गया। उन्होंने बताया कि मौके पर मौजूद पुलिस नें तत्काल एंबुलेंस 108 बुलाकर पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाया। वहां गंभीर रुप से घायल दिव्यराज को लखनऊ रेफर कर दिया गया। जबकि प्रदीप का उपचार कराया जा रहा है। बैंक अधिकारियों से पूछताछ कर मामले की गहराई से जांच करायी जा रही है।
अस्पताल पहुंचकर सपा नेता ने सूरज सिंह ने लिया हाल-चाल
समाजवादी पार्टी के नेता सूरज सिंह ने अस्पताल पहुंचकर गंभीर रुप से घायल युवक का हाल-चाल लिया। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे लखनऊ रेफर कर दिया गया है। उसको बचाने के चक्कर में घायल हुए युवक का इलाज चल रहा है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए सपा नेता ने कहा कि जब यहां हम पहुंचे हैं। हमने पता लगाया वह युवक बीए पास है। आईटीआई डिप्लोमा धारक है। डॉक्टर ने बताया है कि वह 90 प्रतिशत जल चुका है। उसे लखनऊ रेफर किया गया है। दूसरा उसका साथी भी गंभीर रुप से घायल है। उसका इलाज चल रहा है। यदि कोई दिक्कत होती है। तो हम लोग अपनी व्यवस्था से उसका इलाज कराएंगे। उन्होंने कहा कि किसी आरोप प्रत्यारोप से पहले हमारी प्राथमिकता है कि उसे बच्चों की जान बचे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के साथ धोखा कर रही है। उन्होंने कहा कि गिनाने के नाम पर तो करोड़ों लोगों को रोजगार मिल गया है। लेकिन रोजगार के नाम पर यह सरकार पूरी तरह से शून्य है। जिनके पिता मनरेगा में मजदूरी करते हैं। वह कहां से गारंटी लेकर आएंगे। ऐसे में सरकार को युवको के प्रति सहानुभूति रखने चाहिए। अगर उसको लोन मिला होता तो शायद वह ऐसा नहीं करता। उसने अपने जीवन को समाप्त करने का फैसला किया है। तो निश्चित रुप से बहुत पीड़ित रहा होगा। उन्होंने कहा कि हम कर्मचारी और युवक को दोषी नहीं मान रहे हैं। इसमें सिस्टम का दोष है।