
नेपाल में पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण नेपाल की कई नदियां उफान पर है। जिससे प्रतिदिन तीन बैराजों से पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार को गिरजा बैराज से 131478 तथा शारदा बैराज से 135054 व सरयू बैराज से 1801 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इन बैराजो से कुल मिलाकर 2 लाख 68 हजार 333 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बाद ढेमवा घाट की 25 किलोमीटर लंबी रोड कई जगह घाघरा नदी की कटान में आ गई है। यह मार्ग गोंडा फैजाबाद को जोड़ता है। कटान के बाद नींद में सो रहा लोक निर्माण विभाग की नींद खुल गई है। अब कटान रोकने के लिए बोल्डर डालने का काम शुरू हो गया है। वही ढेमवा घाट से बहादुरपुर जाने वाली सड़क पानी के तेज बहाव के कारण बह गई। नवाबगंज क्षेत्र के कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।बीते दो दिनों में घाघरा नदी ने करीब सैकड़ों बीघे से अधिक भूमि नदी में समाहित कर लिया है। कटान अब भी जारी है। हालांकि कई जगहों पर नदी बांध के किनारे सटकर बह रही है, तो तमाम स्थानों पर अभी घाघरा बांध के किनारे तक नहीं पहुंची है। नदी का पानी बांध की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। बारिश होने के कारण पहाड़ी नदियां उफान पर हैं। जिलाधिकारी डॉ उज्जवल कुमार ने बताया कि नेपाल क्षेत्र में बारिश होने से घाघरा का जलस्तर बढ़ा है। नदी खतरे के निशान के बराबर बह रही है। सभी क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। ऐली परसोली बांध का निरीक्षण किया गया। नदी बाढ़ के बिल्कुल करीब बह रही है। इसलिए सिचाई विभाग बाढ़ खंड को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही साथ सभी उप जिलाधिकारी तथा बाढ़ खंड से जुड़े कर्मचारियों को तैयारी पूरी रखने के निर्देश दिए है। ताकि किसी भी विषम परिस्थिति में राहत बचाव कार्य तेजी से किया जा सके।
Published on:
03 Aug 2022 01:03 pm
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