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यूपी के इन जिलों की सड़कों पर घूम रहे हैं बाघ, ना बजाएं हॉर्न, मुश्किल में पड़ सकती है आपकी जान

प्रदेश भर में पड़ रही कड़ाके की ठंड से आदमी ही नहीं जंगली जानवर भी परेशान हैं। अब वह जंगलों से निकलकर सड़कों पर घूम रहे हैं।

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यूपी के लखीमपुर खीरी जिले में गलन भरी सर्दी और गन्ने के खेत खाली होने के कारण बाघ जंगल से निकलकर इन दिनों आबादी वाले क्षेत्र में घूम रहे हैं। खीरी जिले की सड़कों पर इन्हें घूमते देखा गया है।

नेपाल सीमा से सटे इस जिले में जंगल के किनारे खेतों में गन्ने की फसल लगी थी। इस समय गन्ने की फसल कट रही है। बाघों ने जंगल से निकलकर गन्ने के खेतों में अपना ठिकाना बना लिया था। अब फसल कटने के बाद वह एक खेत से दूसरे खेत को अपना ठिकाना बना रहे हैं। कभी-कभी वह खेतों से निकलकर सड़कों पर घूमते देखे जाते हैं।

वन विभाग ने कुछ क्षेत्रों को किया चिन्हित

वन विभाग अब उन सड़कों को चिन्हित कर रहा है। जहां पर बाघों की मौजूदगी के निशान मिले हैं। वहां पर लोगों को सतर्क करने के लिए विभाग बोर्ड भी लगा रहा है। जंगलों से निकलकर गांव की सड़कों पर इन्हें देखे जाने से इलाके में दहशत का माहौल है।

वन्य जीव और आदमी के बीच संघर्ष ना हो इसके लिए वन विभाग ने व्यवस्था शुरू कर दी है। विभाग ने बाघों की मौजूदगी वाले 11 रास्तों को चिन्हित किया है।

रास्तों पर चलने वाले राहगीरों को सावधान करने के लिए सतर्कता बोर्ड भी लगाए जाने की व्यवस्था की जा रही है। इन रास्तों से पैदल या वाहनों से गुजरने वाले लोगों को बाघों के दिखाई देने पर वन विभाग के अधिकारियों के नंबर बोर्डों पर लिखें जाएंगे।

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जिससे कोई भी व्यक्ति बाघों की मौजूदगी की सूचना दे सकता है। वन विभाग के अधिकारियों की माने तो बाघ जंगल से निकलकर गन्ने के खेतों को अपना ठिकाना बना रहे हैं। ऐसे में किसानों को भी सतर्क किया गया है।

लखीमपुर खीरी में मिले बाघों के निशान, हॉन न बजाने के आदेश

यूपी के लखीमपुर खीरी के दक्षिण वन प्रभाग बफर जोन में बाघों की मौजूदगी के निशान मिले हैं। बाघ प्रभावित इलाकों में वाहन चलाते समय हॉर्न न बजाने के लिए वन विभाग सांकेतिक बोर्डों और जागरूकता अभियान चला कर लोगों को जागरूक करेगा। मौजूदा समय में गोला कुकरा, गोला अलीगंज, मोहम्मदी, रेहरिया, निघासन, तिकुनिया, महेशपुर इलाके के साथ ही फूलबेहड़, महेवागंज क्षेत्र में भी संकेतक बोर्ड लगा रहा है।

डीएफओ बोले, लोगों को सावधान करने के लिए लगाए जा रहे बोर्ड

डीएफओ संजय कुमार का कहना है कि जंगल से निकले बाघों से लोगों को सावधान करने के लिए जहां पर इनकी मौजूदगी पाई गई है। वहां पर सांकेतिक बोर्ड लगाए जा रहे हैं।

बोर्ड के ऊपर वन विभाग के नंबर भी लिखे जा रहे हैं। जिससे बाघों के दिखने पर कोई भी व्यक्ति वन विभाग को सूचना दे सके। इन रास्तों से गुजरने वाले वाहनों को धीमी गति में चलने तथा हॉर्न न बजाने के निर्देश दिए गए हैं।

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