गोंडा सरयू नहर में एक नवजात बच्चे का शव कपड़े में लपेटा मिलने से हड़कंप मच गया। नवजात बच्चे का शव मिलने की खबर आस पास पहुंचते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई। लोगों द्वारा इसकी सूचना पुलिस को दी गई मौके पर पहुंची पुलिस ने शिशु के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जिले के इटियाथोक थाना के गांव परसिया के पास रविवार को नहर में एक पोटली तैरती हुई आ रही थी। गांव का युवक नहर के पास स्थित अपनी खेती बाड़ी देखने आया था। अचानक उसकी नजर नहर में तैरती पोटली पर पड़ी। इस बात को उसने आसपास के अन्य लोगों को बताया शंका होने पर लोगों ने जब पोटली को पानी से बाहर निकाला तो वह लोग देखकर दंग रह गए। उसमें कपड़े से लपेटा एक नवजात बच्चा मृत अवस्था में पाया गया। बच्चा शारीरिक रूप से पूरी तरह से स्वस्थ दिख रहा था। ग्रामीणों के मुताबिक देखने से ऐसा लग रहा था कि अधिकतम 6 से 7 घंटे पहले किसी कलयुगी माँ ने इस नवजात बच्चे को जन्म दिया है। सामाजिक लोक लाज के भय से उसने ऐसा कृत्य किया है। फिलहाल मौके पर जुटी भीड़ तरह-तरह की चर्चा कर रही थी। साथ ही साथ हर कोई ऐसी मां को कोसता नजर आ रहा था।
सबसे पहले बाबू नाम के युवक ने देखा शव
गांव का युवक बाबू रोजमर्रा की तरह नहर किनारे अपनी खेती बाड़ी देखने आया था।उसे नहर में एक तैरती एक पोटली नजर आई। इस पर उसने पास के लोगों को बुलाकर इसे नहर से निकाला,तो पता चला कि यह एक नवजात शिशु था, जो किसी द्वारा जन्म से तुरंत बाद अपना गुनाह छिपाने के लिए नहर में फेंक दिया। फिलहाल नवजात शिशु का शव मिलने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल गर्म है। और लोगों की तरफ से इस मामले में अपने-अपने तर्क दिए जा रहे हैं। मगर, ज्यादातर लोगों का यही कहना है कि कोई विवाहित मां इस तरह अपने नवजात बच्चे को नहर में नहीं फेंक सकती। फिलहाल ऐसा कृत्य जिसने भी किया है। ईश्वर उसे कभी माफ नहीं करेगा। क्योंकि बच्चे भगवान का रूप होते हैं। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक करुणाकर पांडे ने बताया, कि शिशु के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अन्य विधिक कार्यवाही की जा रही है।