गोंडा अपने सिपाही पति के उत्पीड़न से परेशान एक महिला गृहस्ती का पूरा सामान एक ऑटो रिक्शे पर लादकर अपने मासूम बच्चे के साथ पुलिस अधीक्षक से मिलने उनके कार्यालय पहुंची तो हर कोई देखने वाला दंग रह गया। गोद में मासूम बच्ची आंखों में दर्द का सैलाब महिला की परेशानी को बयां कर रहा था।
प्रकरण जिले के नगर कोतवाली के विनियमित क्षेत्र की ग्राम पंचायत जानकीनगर से जुड़ा है। यहां की निवासिनी मीना देवी ने शनिवार की दोपहर करीब 12 बजे का वक्त रहा होगा। जब अपने सिपाही पति रंजीत से परेशान यह महिला एसपी से मिलने पहुंची। उसने आरोप लगाया कि बीते 15 दिसंबर को रंजीत सिपाही ने उसके साथ कोर्ट मैरिज किया था। करीब 3 माह तक वह उनके साथ रही कुछ दिनों तक तो उनका व्यवहार ठीक-ठाक रहा। उसके बाद रंजीत व उसके भाई रोहित पुत्र वीरेंद्र उसका शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न करने लगे। अपने यहां से मारपीट का निकाल दिया। इससे परेशान होकर महिला अपने मासूम बिटिया के साथ अलग किराए का मकान लेकर रहने लगी। पीड़ित मीना देवी ने बताया कि अब जहां वह मकान लेकर रहने लगती है। उसके पति मकान मालिक से मिलकर झूठा आरोप लगाकर उसे खाली करा देते हैं। या फिर वहां पर पहुंचकर मारपीट व बवाल करते हैं। वह एक न्यायालय पर तैनात हैं। अब मेरा फोन भी नहीं उठा रहे हैं। अभी तक साथ में रखते थे। अपना खर्चा पानी भी नहीं दे रहे हैं। ना ही साथ रहने दे रहे हैं। जब मैं कहीं मकान ले लेती हूं तो वहां अपने साथी के साथ पहुंचकर तमाम ड्रामा करते हैं।
मारते पीटते हैं। ऐसी स्थिति में कौन मकान मालिक मुझे मकान देगा। वह तीन जगह से अपना कमरा खाली कर चुकी है। सामान लेकर रोड पर परेशान हो रही है। महिला ने एसपी को प्रार्थना पत्र देने पहुंची थी। उसने बताया कि एसपी साहब नहीं मिले हैं। अब वह उनके बंगले पर जा रही है। उसने कहा कि शुक्रवार को मैं पूरी रात सामान लेकर जिला न्यायालय के बाहर रोड पर छोटी सी बच्ची को लेकर बैठी थी। फिलहाल सरकार लाख दावे करें लेकिन महिलाओं का उत्पीड़न रुकने का नाम नहीं ले रहा है। महिला बंगले पर यस पी से मिल पाई या नहीं मिल पाई फिलहाल इस बात की जानकारी नहीं हो सकी। इस संबंध में नगर कोतवाल ने बताया कि महिला मेरे यहां नहीं आई थी। मुझे प्रकरण के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। यदि एसपी साहब से मिली होगी तो प्रार्थना पत्र मिलते ही उस पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी।