
UP news : यूपी में भीषण गर्मी और तपिश से हाहाकार मचा हुआ। मौसम की बेरुखी के चलते किसानों के धान की नर्सरी भी प्रभावित हो रही है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में पारा 46 के पार पहुंचने के बाद प्रदेश के अधिकांश जिले लू की चपेट में हैं। ऐसे में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को धान की नर्सरी डालते समय कुछ आवश्यक चीजों को ध्यान में रखना होगा। ताकि धान की नर्सरी हरी भरी रहे। और उसे झुलसा रोग से बचाया जा सके।
यूपी में गर्मी के सितम और तक इसको देखकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई है। 15 जून से बारिश का आगमन होता है। इस बार मानसून आने में हो रही देरी को देखते हुए। किसानों को अब भविष्य की चिंता सताने लगी है। उन्हें डर लग रहा है। कहीं घर की पूंजी भी न चली जाए। फिर भी किसानों ने भगवान भरोसे धान की नर्सरी डालने का काम शुरू कर दिया है। जिन किसानों ने धान की नर्सरी एक सप्ताह पूर्व डाल दी थी। उनके धान की नर्सरी में झुलसा रोग लग रहे हैं। ऐसे में जिन किसानों ने महंगे दामों पर बीज लेकर बोया था। वह काफी परेशान नजर आ रहे हैं।
1 जून से किसान धान की नर्सरी डालने का काम शुरू कर देते हैं
किसान हमेशा की तरह 1 जून से धान की नर्सरी डालने का काम शुरू कर देते हैं। उन्हे 15 जून तक मानसून आने का अनुमान रहता है। कभी-कभी मानसून आने में देरी होने के कारण किसानों की नर्सरी तैयार हो जाती है। बारिश ना होने के कारण रोपाई का काम प्रभावित होने लगता है। इस बार भी मानसून अपने निर्धारित समय से लेट है। चक्रवर्ती तूफान के कारण मौसम की बेरुखी अब धान की रोपाई को प्रभावित करेगी। फिलहाल मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अट्ठारह से 20 जून के बीच बारिश होने की संभावनाएं दिख रही हैं। धान की नर्सरी डालने का इस समय पीक सीजन चल रहा है। कृषि वैज्ञानिक संत शरण त्रिपाठी ने बताया किसानों को धान की नर्सरी जिन लोगों ने डाल दिया है। उन्हें और जो किसान धान की नर्सरी अभी डाल रहे हैं। उन्हें निम्न बातों का ध्यान रखना होगा।
लगी हुई नर्सरी में प्रबंधन:
1. मौजूदा तापमान को देखते हुए किसान भाई अपनी लगी हुई धान की नर्सरी में निरंतर आवश्यकतानुसार सिंचाई करते रहें।
2. खैरा रोग प्रबंधन हेतु धान की नर्सरी में 5 किलोग्राम ज़िंक सल्फेट को 20 किलो यूरिया में मिलाकर प्रति हैक्टेयर की दर से छिड़काव करें।
3. झोका रोग की रोकथाम हेतु 500 ग्राम कार्बेन्डाजिम 50% का प्रति हैक्टेयर में छिड़काव करें।
नर्सरी डालने हेतु प्रबंधन:
1. बीज का शोधन थिरम 75 ग्राम या कार्बेन्डाजिम 50 ग्राम को 8-10 लीटर पानी में घोलकर बीजोपचार उपरांत छाया में सुखाकर नर्सरी डालना चाहिए।
2. जीवाणु रोग झुलसा एवम् धारी रोग हेतु 4 ग्राम स्ट्रिप्टोसाइक्लइन को 25 किलोग्राम बीज को मिलाकर रात भर भिगाकर दूसरे दिन छाया में सुखाकर नर्सरी डालें|
3. अधिक तापमान को देखते हुए नर्सरी डालने से पूर्व खेत में पर्याप्त नमी बनाए रखें।
Published on:
17 Jun 2023 05:34 pm
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