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डीएम ने रिंग रोड निर्माण करने वाली फर्म के खिलाफ की बड़ी कार्रवाई, 80 लाख का लगा जुर्माना, मैनेजर के खिलाफ FIR दर्ज

गोंडा जिले में एक फॉर्म को अयोध्या बाईपास रिंग रोड बनाने की जिम्मेदारी सौंप गई थी। साधारण मिट्टी खनन की अनुमति पर नियमों की अनदेखी कर नदी के कछार से बालू निकाला जा रहा था। जिसको लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मैनेजर के खिलाफ FIR दर्ज होने से हड़कंप मच गया है।
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गोंडा

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Mahendra Tiwari

•

Updated: 15 Jan 2026, 6:47 PM IST

अपर जिला अधिकारी गोंडा फोटो सोर्स सूचना विभाग

अपर जिला अधिकारी गोंडा फोटो सोर्स सूचना विभाग

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में प्रशासन ने अवैध खनन के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। तरबगंज तहसील क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे खनन का खुलासा होने के बाद जिला प्रशासन ने संबंधित कंपनी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कराया है।

गोंडा जिले के तरबगंज तहसील अंतर्गत नवाबगंज माझाराठ इलाके में अवैध खनन का मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। जानकारी के मुताबिक, मेसर्स सीगल इंडिया नामक फर्म को अयोध्या बाईपास रिंग रोड के निर्माण के लिए ग्राम दुर्गागंज में साधारण मिट्टी के खनन की अनुमति दी गई थी। यह अनुमति 13 दिसंबर 2025 से 12 मार्च 2026 तक की अवधि के लिए थी। और तय क्षेत्रफल 2.533 हेक्टेयर था।

डीएम के निर्देश पर हुई जांच में खुली पोल, मिट्टी खनन की अनुमति पर निकाला जा रहा था बालू

हालांकि, जिला प्रशासन को सूत्रों से सूचना मिली कि फर्म स्वीकृत शर्तों का पालन नहीं कर रही है। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी तरबगंज, क्षेत्रीय लेखपाल संतोष श्रीवास्तव और नवाबगंज थाना प्रभारी की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। जांच के दौरान पाया गया कि कंपनी मिट्टी के बजाय नदी के तल से बालू का खनन कर रही थी। जो पूरी तरह अवैध है।
मौके पर की गई पैमाइश में करीब 20,460 घन मीटर बालू का अवैध रूप से निकाला जाना सामने आया।

कंपनी मैनेजर के खिलाफ FIR दर्ज

यह बालू निर्माणाधीन अयोध्या बाईपास रिंग रोड में इस्तेमाल की जा रही थी। जांच पूरी होने के बाद फर्म के अधिकृत प्रतिनिधि विकासमणि त्रिपाठी, निवासी प्रयागराज, के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस मामले पर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने साफ कहा है कि जिले में अवैध खनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

अपर जिलाधिकारी बोले- रिपोर्ट दर्ज जुर्माना भी लगा

अपर जिलाधिकारी ने बताया कि डीएम को सूचना मिली थी कि घाघरा नदी के तट पर अवैध बालू खनन किया जा रहा है। जिसमें खनन अधिकारी, एसडीम तरबगंज, लेखपाल सहित पूरी टीम को भेजा गया था। जांच पड़ताल में पाया गया कि एक कंपनी सीगल इंडिया है। उसको साधारण मिट्टी खनन की अनुमति दी गई थी। लेकिन निर्धारित स्थल पर खनन करके नदी के तट पर अवैध बालू का खनन किया जा रहा था। कंपनी की कई गाड़ियां सीज कर दी गई है। करीब 80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। खनन अधिनियम के तहत कंपनी के मैनेजर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।