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26 जून को क्यों मनाया जाता अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस? जानिए इसका उद्देश्य, युवाओं में तेजी से बढ़ रहा नसे का क्रेज

अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस प्रत्येक वर्ष 26 जून को मनाया जाता है। इसके मनाने के पीछे यह वजह है कि नशा कोई भी हो वह हमारी सेहत के लिए बहुत ही नुकसानदायक है। वर्तमान परिवेश में एक गैर सरकारी आंकड़े के मुताबिक 40 प्रतिशत हमारी युवा पीढ़ी किसी ना किसी प्रकार की नशे की गिरफ्त में फसती जा रही है। आइए हम जानते हैं। इस दिन क्यों मनाया जाता है, इसकी शुरुआत कब से हुई।  

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नशा के गंभीर दुष्परिणामों को देखते हुए लोगों को नशा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रतिवर्ष 26 जून को अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस प्रतिवर्ष मनाया जाता है। रैली और अन्य तमाम तरह के कार्यक्रम और अभियान चलाकर लोगों को नशा के घातक परिणामों के विषय में जानकारी दी जाती है। संयुक्त राष्ट्र महासभा' ने 1987 को यह प्रस्ताव पारित किया था। तभी से हर साल लोगों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से इसे मनाया जाता है।

अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस प्रत्येक वर्ष 26 जून को मनाया जाता है। नशा कोई भी हो वह हमारी सेहत के लिए खतरनाक है। आज देश ही नहीं दुनियाभर के युवा बड़ी तेजी से नशे की गिरफ्त में फंसते जा रहे हैं। इससे न सिर्फ उनका करियर और जीवन बर्बाद होता है। ऐसे लोगों को नशा के दुष्परिणाम के विषय में जानकारी देने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। पूरे विश्व में इस दिन विभिन्न समुदायों और संगठन लोगों को नशीली दवाओं के प्रति जागरुक करने के लिए तमाम तरह के कार्यक्रम चलाते हैं। इस दौरान उन्हें नशीले पदार्थों से होने वाले नुकसान और खतरों के बारे में बताया जाता है। नशा, एक ऐसी बीमारी है जो कि युवा पीढ़ी को लगातार अपनी चपेट में लेकर उसे कई तरह से बीमार कर रही है। शराब, सिगरेट, तम्‍बाकू एवं ड्रग्‍स जैसे जहरीले पदार्थों का सेवन कर युवा वर्ग का एक बड़ा हि‍स्सा नशे का शिकार हो रहा है। आज फुटपाथ और रेल्‍वे प्‍लेटफार्म पर रहने वाले बच्‍चे भी नशे की चपेट में आ चुके हैं।लोग सोचते हैं कि वो बच्‍चें कैसे नशा कर सकते है। जिनके पास खाने को भी पैसा नहीं होता। परंतु नशा करने के लिए सिर्फ मादक पदार्थो की ही जरुरत नहीं होती है। बल्कि व्‍हाइटनर, नेल पॉलिश, पेट्रोल आदि की गंध, ब्रेड के साथ विक्स और झंडु बाम का सेवन करना। कुछ इस प्रकार के नशे भी किए जाते हैं। जो बेहद खतरनाक होते हैं।

नशा करने के लिए इंसान किसी भी स्तर पर जा सकता

नशे की लत ने इंसान को उस स्तर पर लाकर खड़ा कर दिया है कि अब व्‍यक्‍ति मादक पदार्थों के सेवन के लिए किसी भी हद तक जा सकता है, वह नशे के लिए जुर्म भी कर सकता है। नशे के मामले में महिलाएं भी पीछे नहीं है। महिलाओं द्वारा भी मादक पदार्थों का बहुत अधिक मात्रा में सेवन किया जाता है। व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में तनाव, प्रेम संबंध, दांपत्य जीवन व तलाक आदि कारण, महिलाओं में नशे की बढ़ती लत के लिए जिम्मेदार है।

हर वह चीज इसकी लत लग जाए नशे की श्रेणी में आता

शोधकर्ताओं के मुताबिक हर वह चीज जो आपको जिसकी आपको लत लग जाए। नशे की श्रेणी में ही आता है। ऐसी ही कुछ आदतें हैं। जिन्हें छोड़ना बेहद मुश्किल होता है। जैसे - मादक पदार्थों के अलावा चाय, काफी, वर्तमान समय के नवीन यंत्र जैसे - विडियो गेम्‍स, स्‍मार्ट फोन, फेसबुक आदि का ज्‍यादा मात्रा में उपयोग भी नशे की श्रेणी में आते है।

औषधि निरीक्षक बोली चलेगा जागरूकता अभियान

गोंडा जिले में तैनात औषधि निरीक्षक रजिया बानो ने बताया कि प्रथम चरण में जागरूकता रैली निकाली जाएगी। इसके साथ ही सभी मेडिकल स्टोर का निरीक्षण कर नशीली दवाओं की बिक्री का विवरण तलब किया जाएगा। संदिग्ध होने पर मेडिकल स्टोर की सीसीटीवी रिकार्डिंग की जांच की जाएगी। डॉक्टर के परचे और आधारकार्ड लिए बिना ही तो किसी को नशीली दवाएं नहीं बेची गईं। अभियान के दूसरे चरण में स्कूली छात्रों की मदद से गांव-गांव तक नशे के दुष्परिणाम की जानकारी दी जाएगी। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी सहयोग करेंगे।

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