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Brij Bhushan Singh: खिलाड़ी नेताओं के साथ जाएंगे…तो हम इनका साथ नहीं देंगे, पहलवानों से नाराज हुए खाप और किसान संगठन

Brij Bhushan Singh: बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ विरोध कर रहे पहलवानों के अपने काम पर वापस लौटने के बाद खाप ने जंतर-मंतर पर अपना विरोध प्रदर्शन स्थगित कर दिया है। राकेश टिकैत ने साफतौर पर पहलवानों को कह दिया है कि अगर वे राजनेताओं के साथ जाएंगे तो खाप उनकी कोई मदद नहीं कर सकती।

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Brij Bhushan Singh

Brij Bhushan Singh: बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पहलवान सोमवार को अपने-अपने काम पर लौट गए। इसके बाद नरेश टिकैत की अगुवाई में होने वाली खाप महापंचायत को भी स्थगित कर दिया गया है। यह महापंचायक पहलवानों के समर्थन के लिए आगामी 9 जून को होने वाली थी। बताया जा रहा है कि पहलवानों के काम पर लौटने के फैसले से खाप काफी नाराज है।

राकेश टिकैत ने साफतौर पर प्रदर्शनकारी पहलवानों को कह दिया है कि अगर वे राजनेताओं के साथ जाएंगे तो खाप उनकी कोई मदद नहीं कर सकती। भारतीय किसान यूनियन के प्रमुख नरेश टिकैत ने भी पहलवानों के इस कदम पर हैरानी जताई और कहा कि गृहमंत्री और पहलवानों के बीच क्या समझौता हुआ, वे नहीं जानते। अगर उन्होंने खुद समझौता करने का फैसला कर लिया है तो हम क्या कर सकते हैं।

दरअसल, यौन शोषण के आरोपी बीजेपी सांसद और कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग करने वाले पहलवान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने सोमवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इसके बाद पहलवान अपने-अपने काम पर लौट गए। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि काम पर लौटने का मतलब यह नहीं है कि उनका आंदोलन खत्म हो गया है। पहलवानों ने संकेत दिया कि बृजभूषण सिंह के खिलाफ उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।

जंतर मंतर पर प्रदर्शन स्थगित
इस बीच पहलवानों के समर्थन में 9 जून को होने वाली खाप की ओर से जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को रद्द कर दिया गया है। बीकेयू प्रमुख और बालियान खाप के नेता नरेश टिकैत ने कहा, 'अगर शिकायत करने वाले लोगों ने खुद ही समझौता करने का फैसला कर लिया है तो हम क्या कह सकते हैं? हमें नहीं पता कि किन परिस्थितियों में या किस दबाव में उन्होंने काम पर लौटने का फैसला किया है? उनके और गृहमंत्री अमित शाह के बीच में क्या बातचीत हुई, यह भी नहीं मालूम। आखिर यह उनका अपना मामला है, हमारा नहीं।'

किसान संगठन नाराज
हालांकि, इस बीच सूत्रों का कहना है कि खाप सरकार के साथ पहलवानों के इस 'बैकचैनल' बातचीत से नाराज है। उन्होंने इस पर कड़ी आपत्ति भी जताई है। टिकैत बंधु इस बात पर भी नाराज हैं कि इस बातचीत में उन्हें लूप में नहीं रखा गया है। बताया गया कि रविवार शाम को राकेश टिकैत ने बजरंग पूनिया से फोन पर बात की और उनसे दो टूक कहा है कि अगर वह राजनेताओं के साथ जाना चाहते हैं तो उत्तर प्रदेश के खाप और किसान संगठन उनका साथ नहीं देंगे।