
गोरखपुर. हाईकोर्ट के ग्रुप सी व डी की परीक्षा में सेंध लगाने वालों के तार मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के शहर तक जुड़े हुए हैं। एसटीएफ ने Whatsapp से पेपर सॉल्व कराने व दूसरे की जगह परीक्षा देने के आरोप में 23 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक विद्यालय के प्रबंधक, सॉल्वर व फर्जी अभ्यर्थी भी शामिल है। रविवार को दो पालियों में हुई इस परीक्षा के लिए गोरखपुर में 23 केंद्र बनाए गए थे। दूसरी पाली में केवल आठ केंद्र पर परीक्षा थी।
उधर, जब Allahabad High Court Bharti परीक्षा में पेपर लीक कराने वाले गैंग की धरपकड़ हुई तो गोरखपुर में भी सक्रिय रैकेट के बारे में पता लगा। इसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अरविंद चतुर्वेदी ने इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश सिंह के नेतृत्व में लखनऊ और गोरखपुर यूनिट की संयुक्त टीम को इसके लिए लगा दिया। STF के अनुसार शहर के कैंट क्षेत्र में हरिओमनगर तिराहे के पास एक कोचिंग सेंटर के सामने से गैंग के साल्वर सहित दस सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। फिर इसके बाद शाहपुर में बापू इंटर कालेज गंगानगर में तलाशी में दूसरे की जगह परीक्षा दे रहे एक युवक को गिरफ्त में लिया गया। इसके बाद बैलों में बीएम सिंह पब्लिक मेमोरियल स्कूल के प्रबंधक और एक कक्ष निरीक्षक को गिरफ्तार किया।
प्रबंधक संजय सिंह के व्हॉट्सअप पर पेपर सॉल्व कराया जा रहा था। एसटीएफ का दावा है कि परीक्षा में सेटिंग की यह साजिश सिराजुद्दीन ने प्रबंधक संजय सिंह के साथ मिलकर रची थी। एसटीएफ ने इनको किया है गिरफ्तार -सिराजुद्दीन अली (मास्टरमाइंड) निवासी पिपराइच, गोरखपुर -संजय सिंह ( प्रबंधक) निवासी बैलो, पिपराइच - अभिषेक सिंह, निवासी बैलो पिपराइच - राहुल कुमार, निवासी वैशाली बिहार - अमित कुमार, निवासी पटना, बिहार - गोविंद कुमार, निवासी वैशाली, बिहार - चंदन राय, निवासी वैशाली, बिहार - मुबारक अली, निवासी तुर्कडीहा, कुशीनगर - राम प्रवेश, निवासी खोराबार, गोरखपुर - संदीप कुमार, निवासी पीपीगंज, गोरखपुर - रजीउल्लाह, निवासी बैलो, पिपराइच, गोरखपुर - मुन्नु गुप्त, निवासी पिपराइच, गोरखपुर - श्याम सिंह, निवासी सिवान, बिहार।
Updated on:
13 Nov 2017 12:27 pm
Published on:
13 Nov 2017 07:54 am
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