
गोरखपुर में आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष दिल्ली विजयानंद उपाध्याय पर जालसाजी और धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। यह केस उनके ममेरे भाई ने ही दर्ज कराया है। ममेरे भाई का आरोप है कि विजयानंद उपाध्याय ने अपने परिवार के साथ मिलकर कूटरचित दस्तावेज तैयार कराकर उनकी जमीन दूसरे को बेच दी। विजयानंद उपाध्याय सहजनवा विधानसभा से साल 2022 में विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके हैं।
घटना गीडा इलाके के जगदीशपुर गांव की है। फिलहाल पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने विजयानंद उपाध्याय समेत 6 लोगों पर धोखाधड़ी और जालसाजी समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दिया है।
चचेरे मामा ने धोखे से बेच दी जमीन
दरअसल, गीडा इलाके के जंगल सरया के रहने वाले भानु प्रताप ने गीडा पुलिस को तहरीर देकर बताया है, उनकी ननिहाल गीडा इलाके के जगदीशपुर में है। उनके नाना रामेसर की दो बेटियां द्रोपदी और रमापति थीं। नाना की मौत के बाद उनके चल अचल संपत्ति की हकदार उनकी मां द्रोपदी देवी और मौसी रमापति देवी हुई।
लेकिन, उनके चचेरे मामा रामप्रकाश उपाध्याय और रामकृष्ण उपाध्याय ने कूट रचित फर्जी दस्तावेज तैयार कर कुछ अन्य लोगो की मदद से जगदीशपुर में स्थित जमीन का बैनामा दूसरे को कर दिया।
जानकारी होने पर पूछने पर अपशब्द का प्रयोग करते हुए पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी देने लगे। फिलहाल भानु प्रताप की तहरीर के आधार पर पुलिस ने रामप्रकाश उपाध्याय, रामकृष्ण उपाध्याय, विजयानंद उपाध्याय, कृष्ण कुमार उपाध्याय, नरेंद्र देव उपाध्याय और रविंद्र नाथ उपाध्याय के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दिया है।
Published on:
25 Apr 2024 10:55 pm
बड़ी खबरें
View Allगोरखपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
