
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने रोगियों को एयर एंबुलेंस की सुविधा देने की तैयारी की है। यहां से रेफर हुए गंभीर रोगी अब कम समय में अन्य चिकित्सा संस्थानों में पहुंच सकेंगे। समय से उनका उपचार शुरू हो सकेगा। बाहर से भी रोगी एयर एंबुलेंस से यहां एम्स में उपचार के लिए आ सकेंगे। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआइ) से अनुमति मिलने के बाद एम्स परिसर में हेलीपैड का निर्माण शुरू हो गया है।
लखनऊ के मेदांता हास्पिटल में एयर एंबुलेंस की सुविधा है। वहां जाने वाले रोगियों को बड़ी राहत मिलेगी। प्रारंभ में रोगी निजी हेलीकाप्टरों का प्रयोग करेंगे। भविष्य में एम्स के पास अपने हेलीकाप्टर होंगे जो निर्धारित शुल्क पर रोगी को दूसरे चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचा देंगे। एम्स ऋषिकेश के पास अपना एयर एंबुलेंस हो गया है।
अभी गंभीर रोगियों को रेफर किया जाता है तो उन्हें कार से लखनऊ जाना पड़ता है। ट्रेन से दिल्ली जाने में लगभग 12 घंटे लगते हैं। हवाई जहाज से भी वह जा सकते हैं या एयर एंबुलेंस बुक करके एयरपोर्ट पर उसे मंगा सकते हैं। लेकिन इसमें समय व खर्च अधिक लगता है। जब एम्स में एयर एंबुलेंस उपलब्ध रहेगी तो आसानी से वह 35-40 मिनट में लखनऊ व लगभग पौने दो घंटे में दिल्ली पहुंच सकेंगे। इससे उनका जल्दी उपचार शुरू हो सकेगा।एए
एम्स गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक सुरेखा किशोर ने कहा कि एम्स में धीरे-धीरे सुविधाएं बढ़ रही हैं। रोगियों के उपचार के अलावा उनकी अन्य सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। रोगी, डाक्टर के पास जितना जल्दी पहुंचता है, उतना ही जल्दी उसके स्वस्थ होने की संभावना होती है। साथ ही समय से पहुंचने पर ज्यादातर रोगियों की जान बचा ली जाती है। इसके लिए एम्स परिसर में अब एयर एंबुलेंस के आने-जाने की सुविधा शुरू की जा रही है। हेलीपैड का निर्माण हो रहा है। निकट भविष्य में हमारे पास अपनी एयर एंबुलेंस भी होगी।
Published on:
19 May 2022 09:21 am
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